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Ukraine Attack: काला सागर में फंसे 13 भारतीय नाविक, ड्रोन-मिसाइल हमलों के बीच कर रहे बचाव की अपील

Indian Sailors: काला सागर में यूक्रेन के ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच कमर्शियल कार्गो जहाज MV Omorfi पर 13 भारतीय नाविक अब भी मौजूद हैं। इन नाविकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आसपास लगातार मंडरा रहे ड्रोन और मिसाइलों के खतरे के कारण स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है। नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है और उनके जल्द सुरक्षित बाहर निकलने की मांग उठ रही है।

नाविकों की सुरक्षा की गुहार

इंडियन सीमेन यूनियन ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। यूनियन का कहना है कि जहाज के आसपास बार-बार ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिशें हो रही हैं। ऐसे हालात में जहाज पर मौजूद क्रू के सदस्य हर समय संभावित हमले के डर में रह रहे हैं। यूनियन ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से अपील की है कि नाविकों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी जरूरी कदम तत्काल उठाए जाएं।

हमले के साये में क्रू

यूनियन के मुताबिक, जहाज पर मौजूद नाविकों के लिए सबसे बड़ी चिंता लगातार बना हुआ सैन्य खतरा है। आसपास हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण किसी भी समय स्थिति गंभीर हो सकती है। इंडियन सीमेन यूनियन लंबे समय से नाविकों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है। संगठन ने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में संकट में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से कदम उठाने की मांग की है।

18 जुलाई को हुआ हमला

बताया गया है कि 18 जुलाई 2026 को काला सागर में कमर्शियल कार्गो जहाज MV Omorfi पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया गया था। यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत संचालित होने वाला बल्क कैरियर है। हमले के दौरान एक भारतीय मर्चेंट नेवी अधिकारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद जहाज पर मौजूद अन्य भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई।

भारत ने जताया विरोध

हमले की घटना को लेकर भारत सरकार ने यूक्रेन के राजदूत को तलब कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। भारत की ओर से भारतीय नागरिक की मौत और जहाज पर हुए हमले को लेकर चिंता जताई गई। वहीं, यूक्रेन ने दावा किया कि जहाज रूस के लिए हथियार ले जा रहा था। हालांकि, रूस ने यूक्रेन के इस दावे को खारिज कर दिया है। ऐसे में घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर बना हुआ है।

सुरक्षित निकासी की कोशिश

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता MV Omorfi पर मौजूद 13 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकालना है। लगातार बने सैन्य खतरे के बीच उनकी निकासी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इंडियन सीमेन यूनियन ने नाविकों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि भारत सरकार और संबंधित एजेंसियां इन नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए आगे क्या कदम उठाती हैं।

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