Indian Students Stranded in Iran:जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन ने गुरुवार को जानकारी दी कि ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों की वतन वापसी की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। संगठन के अनुसार, अगर ईरानी अधिकारियों की ओर से जरूरी अनुमति मिल जाती है, तो छात्रों का पहला बैच शुक्रवार से भारत लौट सकता है। इस खबर से छात्रों और उनके परिवारों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।
भारत सरकार की नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
भारत सरकार ने पहले ही ईरान में मौजूद अपने सभी नागरिकों को सलाह दी है कि जो भी साधन उपलब्ध हों, उनका इस्तेमाल कर जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचें या देश छोड़ने की कोशिश करें। ईरान में इस समय भारतीय छात्रों के अलावा तीर्थयात्री, कारोबारी और पर्यटक भी मौजूद हैं, जो बदलते हालात की वजह से असमंजस में हैं।
छात्रों ने टिकट बुक किए, क्लीयरेंस का इंतजार
जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि उन्होंने ईरान के शिराज, अराक, तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (TUMS) और शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे कश्मीरी और अन्य भारतीय छात्रों से बात की है। कई छात्रों ने अपनी फ्लाइट टिकट बुक कर ली है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही लौटने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। हालांकि, यह पूरी तरह ईरानी सरकार की अनुमति और वहां के हालात पर निर्भर करेगा।
एयरस्पेस खुला, लेकिन सुरक्षा को लेकर डर कायम
हाल ही में ईरान ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिसे बाद में फिर से खोल दिया गया। यह कदम अमेरिका की ओर से संभावित हमलों की आशंका के चलते उठाया गया था। ऐसे माहौल में सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है।
यात्रा व्यवस्था में आ रही हैं कई दिक्कतें
खुएहामी के अनुसार, कई छात्रों के लिए खुद से यात्रा की व्यवस्था करना आसान नहीं है। सुरक्षा जोखिम, आने-जाने के साधनों की कमी और सही जानकारी न मिल पाने की वजह से छात्र परेशान हैं और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
हजारों भारतीय छात्र अब भी ईरान में फंसे
इस समय ईरान में हजारों भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। इनमें करीब 2,000 मेडिकल छात्र जम्मू और कश्मीर से हैं। छात्रों का कहना है कि ईरान में चल रहे प्रदर्शनों और उन पर हो रही हिंसक कार्रवाई के कारण हालात और बिगड़ गए हैं।
परिजनों की बढ़ती चिंता
ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए छात्रों के परिजन भी काफी चिंतित हैं। माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार परेशान हैं। छात्र संगठन का कहना है कि अगर सुरक्षित निकासी की ठोस व्यवस्था होती, तो परिवारों की चिंता काफी हद तक कम हो सकती थी।
प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मदद की अपील
छात्र संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील की है कि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। संगठन का कहना है कि एक साफ इवैक्यूएशन योजना, अलग से आपातकालीन हेल्पलाइन और सुरक्षित ट्रांजिट व्यवस्था बनाई जाए, ताकि छात्र बिना डर और परेशानी के सम्मानपूर्वक अपने घर लौट सकें।
