Iran Crisis Alert: ईरान इस समय बेहद गंभीर हालात से गुजर रहा है। देश में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के चलते अब तक करीब 11 हजार लोगों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए मौत की सजा तक का आदेश जारी कर दिया है। इससे देश में डर और अस्थिरता और बढ़ गई है।
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने हालात को और भड़का दिया है। ट्रंप ने खुले तौर पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए मदद भेजने की बात कही है। इसके बाद ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, भारत सतर्क
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। यह सलाह छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों समेत सभी भारतीय नागरिकों के लिए है। दूतावास ने साफ कहा है कि ईरान में मौजूदा हालात तेजी से बदल रहे हैं और ऐसे में किसी भी तरह का जोखिम लेना ठीक नहीं है।
एडवाइजरी में भारतीयों को क्या कहा गया
भारतीय दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक उपलब्ध परिवहन साधनों, खासकर कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए जल्द से जल्द देश छोड़ दें। दूतावास ने यह भी दोहराया है कि भारतीय मूल के लोग, यानी PIO, भी पूरी सतर्कता बरतें।
एडवाइजरी में यह भी सलाह दी गई है कि लोग किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें। इसके साथ ही स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें और हर स्थिति में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।
जरूरी दस्तावेज साथ रखने की हिदायत
भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने सभी जरूरी दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट, वीजा और पहचान पत्र हमेशा अपने पास रखें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
भारतीय दूतावास ने आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
मोबाइल नंबर: +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359
ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in
ईरान में हालात और बिगड़ने की आशंका
हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से अपील की थी कि वे आंदोलन जारी रखें और सरकारी दफ्तरों पर कब्जा करें। उन्होंने खुले तौर पर मदद भेजने की बात भी कही। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी वक्त टकराव हो सकता है। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हालात अगर ऐसे ही रहे तो मिडिल ईस्ट में बड़ा सैन्य संघर्ष भी शुरू हो सकता है।




