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US Visa ईरानी राष्ट्रपति को जंग के बीच अमेरिकी वीजा क्यों मिला, न्यूयॉर्क जाने की इजाजत, कहाँ देंगे भाषण

अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन अगले सप्ताह न्यूयॉर्क पहुंच सकते हैं। अमेरिकी प्रशासन ने उन्हें और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने के लिए वीजा मंजूर किया है।

वीजा क्यों मिला

अमेरिका संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की मेजबानी करता है। 1947 के यूएन हेडक्वार्टर समझौते के तहत अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक कामकाज में शामिल प्रतिनिधियों को पहुंच देने की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है। अमेरिकी कानून में भी ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध का प्रावधान है, लेकिन यूएन से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय बाध्यताओं को पूरा करने के लिए इसमें अपवाद रखा गया है।

इसी वजह से पेजेशकियन की यात्रा को सामान्य अमेरिकी यात्रा नहीं माना जा रहा है। वीजा मिलने के बावजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। पिछले साल भी ईरानी अधिकारियों की न्यूयॉर्क में आवाजाही को सीमित किया गया था।

गिरफ्तारी क्यों मुश्किल

पेजेशकियन को केवल अमेरिका-ईरान युद्ध चलने के कारण न्यूयॉर्क में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। किसी विदेशी राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के लिए अमेरिकी कानून के तहत अलग कानूनी आधार जरूरी होगा। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने वाले विदेशी प्रतिनिधियों को विशेष अंतरराष्ट्रीय संरक्षण और सुविधाएं हासिल होती हैं।

यहां एक और अहम बात है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय यानी ICC का सदस्य नहीं है। इसलिए ICC के वारंट को अमेरिकी पुलिस सीधे लागू नहीं कर सकती। हाल में अमेरिकी अधिकारियों और ICC के बीच इसी मुद्दे पर गंभीर टकराव भी रहा है।

पेजेशकियन पर कोई वारंट

इस यात्रा के संदर्भ में उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में पेजेशकियन के खिलाफ ICC का ऐसा गिरफ्तारी वारंट सामने नहीं आया है, जिसे अमेरिका में लागू करने का सवाल उठे। इसलिए उनकी गिरफ्तारी का मुद्दा मुख्य रूप से अमेरिकी कानून, राजनयिक संरक्षण और यूएन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय दायित्वों से जुड़ता है।

न्यूयॉर्क में क्या होगा

अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को न्यूयॉर्क आने की अनुमति दी है, लेकिन उसकी गतिविधियों पर सख्त सीमाएं रहेंगी। पेजेशकियन संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। यह यात्रा इसलिए भी असाधारण है क्योंकि अमेरिका और ईरान लंबे समय से सैन्य संघर्ष में हैं और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं।

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