Iran US Conflict Impact On LPG Supply: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। देश के कई शहरों में एलपीजी गैस की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण कुछ जगहों पर होटल और रेस्टोरेंट तक बंद करने पड़े हैं। वहीं कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग सिलेंडर जल्दी पाने के लिए पहले से ही बुकिंग कर रहे हैं, जिससे दबाव और बढ़ गया है।
सरकार ने की लोगों से अपील
इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर ज्यादा सिलेंडर बुक न करें और उन्हें जमा करके न रखें। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सिलेंडर की सप्लाई जारी है, लेकिन फिलहाल बुकिंग के करीब ढाई दिन बाद ही सिलेंडर मिल पाएगा। सरकार का कहना है कि अगर लोग घबराहट में ज्यादा बुकिंग करेंगे तो सप्लाई व्यवस्था पर और दबाव पड़ सकता है।
एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से मंगाता है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई होर्मुज की खाड़ी के रास्ते आती है। मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने 8 मार्च को देश की सभी रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया था।
घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी
सरकार के इन कदमों का असर भी दिखाई देने लगा है। अधिकारियों के अनुसार देश में एलपीजी का घरेलू उत्पादन करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इस अतिरिक्त गैस को सीधे घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा गैर-घरेलू एलपीजी यानी कमर्शियल गैस की सप्लाई में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
गैस की कीमत और सरकारी सब्सिडी
सरकार का कहना है कि गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े इसके लिए सरकार खुद इसका बड़ा हिस्सा वहन कर रही है। फिलहाल दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है, जो हाल ही में 60 रुपये बढ़ाई गई है। वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सिलेंडर की कीमत करीब 613 रुपये रखी गई है। जुलाई 2023 के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमत लगभग 41 प्रतिशत बढ़ चुकी है।
कच्चे तेल और गैस का आयात
सरकार ने यह भी बताया कि देश में प्राकृतिक गैस की रोजाना खपत लगभग 189 मिलियन एमएमएससीएमडी है। इसमें से करीब 97.5 एमएमएससीएमडी गैस देश में ही पैदा होती है और बाकी का आयात किया जाता है। मौजूदा हालात में करीब 47.4 एमएमएससीएमडी गैस आयात प्रभावित हुआ है। इसकी भरपाई के लिए नई जगहों से गैस खरीदी जा रही है और दो एलएनजी कार्गो भारत की ओर भेजे जा चुके हैं।
वैकल्पिक रास्तों से तेल सप्लाई
कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर भी सरकार सतर्क है। भारत करीब 40 देशों से कच्चा तेल खरीदता है। अधिकारियों के अनुसार अब लगभग 70 प्रतिशत तेल होर्मुज की खाड़ी के अलावा दूसरे रास्तों से मंगाया जा रहा है, जबकि पहले यह आंकड़ा 55 प्रतिशत था। रिफाइनरियां भी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं, ताकि देश में ईंधन की कमी न हो।



