Iran US War Prediction: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक भविष्यवाणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कहा जा रहा है कि चीन के एक प्रोफेसर ने पहले ही इस संघर्ष को लेकर बड़ी बात कह दी थी। दरअसल चीन और रूस जैसे देशों का समर्थन ईरान को मिल रहा है। इसी वजह से कई विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह संघर्ष जल्दी खत्म नहीं होगा और लंबा चल सकता है। इसी बीच चीन के एक मशहूर यूट्यूब चैनल “प्रोडक्टिव हिस्ट्री” के होस्ट और प्रोफेसर जुएकिन जियांग की भविष्यवाणी फिर चर्चा में आ गई है।
लोग उन्हें अब “चीन का नास्त्रेदमस” भी कहने लगे हैं, क्योंकि उनकी कुछ भविष्यवाणियां पहले ही सच हो चुकी हैं।
तीन भविष्यवाणियां हुईं वायरल
प्रोफेसर जुएकिन जियांग ने साल 2024 में एक ऑनलाइन लेक्चर के दौरान तीन बड़ी बातें कही थीं। उस समय उनकी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन अब उनका पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। उनकी पहली भविष्यवाणी थी कि डोनाल्ड ट्रंप फिर से अमेरिका की सत्ता में वापस आएंगे। दूसरी भविष्यवाणी यह थी कि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो सकता है। तीसरी और सबसे बड़ी भविष्यवाणी यह थी कि अगर यह युद्ध होता है तो अमेरिका को इसमें हार का सामना करना पड़ सकता है।
अब दिलचस्प बात यह है कि उनकी पहली दो भविष्यवाणियां सही साबित हो चुकी हैं। ट्रंप फिर से सत्ता में लौट आए और अमेरिका व ईरान के बीच टकराव भी शुरू हो गया। यही वजह है कि अब उनकी तीसरी भविष्यवाणी पर लोगों की खास नजर है।
कौन हैं प्रोफेसर जियांग
जुएकिन जियांग चीन में फिलॉस्फी और इतिहास के प्रोफेसर हैं। उन्होंने अमेरिका के येल कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की है। इसके अलावा वह यूट्यूब पर भी काफी सक्रिय रहते हैं। अपने चैनल के जरिए वह दुनिया की राजनीति, वैश्विक घटनाओं और जियोपॉलिटिकल हालात पर चर्चा करते हैं। उनके वीडियो में अक्सर इतिहास, राजनीति और भविष्य की संभावनाओं पर विश्लेषण देखने को मिलता है। सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
क्यों कहा जा रहा चीन का नास्त्रेदमस
जियांग की भविष्यवाणियां सच होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उन्हें “चीन का नास्त्रेदमस” कहने लगे हैं। नास्त्रेदमस दुनिया भर में अपनी भविष्यवाणियों के लिए मशहूर रहे हैं और उनकी कई बातें समय के साथ सही साबित हुई हैं। इसी तरह जियांग ने करीब दो साल पहले ही अपने वीडियो में कहा था कि ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर युद्ध होता है तो अमेरिका के लिए यह आसान नहीं होगा।
अमेरिका के लिए क्यों मुश्किल
प्रोफेसर जियांग का मानना है कि ईरान की भौगोलिक स्थिति अमेरिका के लिए चुनौती बन सकती है। ईरान के कई इलाके पहाड़ी हैं, जहां युद्ध लड़ना आसान नहीं होता। इसके अलावा लंबी सप्लाई लाइन और घरेलू विरोध भी अमेरिका के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। जियांग के अनुसार, इन कारणों से अमेरिका को इस संघर्ष में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
अब जब उनकी दो भविष्यवाणियां सही साबित हो चुकी हैं, तो दुनिया की नजर उनकी तीसरी भविष्यवाणी पर टिक गई है।
