Vance Fasting Diplomacy: अमेरिका के उपराष्ट्रपति J. D. Vance का Islamabad दौरा इन दिनों काफी चर्चा में है। इस दौरे के दौरान उनकी ईरान के साथ लंबी बातचीत हुई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके खाने-पीने को लेकर हो रही है।
21 घंटे तक नहीं खाया खाना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेडी वेंस ने इस्लामाबाद में अपने करीब 21 घंटे के ठहराव के दौरान कुछ भी नहीं खाया। बताया जा रहा है कि वे एयरपोर्ट से सीधे बातचीत के लिए पहुंचे और मीटिंग खत्म होने के बाद बिना कुछ खाए-पिए वापस लौट गए।
सुरक्षा को बताया वजह
इस फैसले के पीछे मुख्य कारण सुरक्षा बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि उन्होंने किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचने के लिए खाना नहीं खाया। कूटनीतिक दौरों में सुरक्षा बेहद अहम होती है, इसलिए यह कदम उसी का हिस्सा माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर मजाक
हालांकि, सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे गंभीरता से ज्यादा मजाक के रूप में लिया। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “ससुराल से ही मंगा लेते।” यह टिप्पणी उनकी पत्नी Usha Vance के भारतीय मूल को लेकर की गई थी, जिस पर लोग खूब हंसते नजर आए। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि वेंस का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिकता जैसा लग रहा था। 21 घंटे की लंबी बातचीत के बावजूद उन्होंने कोई खास ब्रेक नहीं लिया और न ही किसी तरह का औपचारिक भोज किया। इससे इस मुलाकात के नतीजों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कूटनीतिक संकेत क्या हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवहार अमेरिका और ईरान के बीच गहरे अविश्वास को दिखाता है। जब एक नेता दूसरे देश में खाना खाने से भी बचता है, तो यह सुरक्षा और भरोसे की स्थिति को साफ तौर पर दिखाता है।
मीम और चर्चा का विषय
आम लोगों के लिए यह मामला अब सोशल मीडिया पर मीम और मजाक का विषय बन गया है। ‘फास्टिंग डिप्लोमेसी’ शब्द भी इसी वजह से ट्रेंड कर रहा है। लोग इसे अलग-अलग तरीके से देख रहे हैं। यह घटना बताती है कि अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में तनाव कितना गहरा हो सकता है। जहां एक तरफ बातचीत हो रही है, वहीं दूसरी तरफ भरोसे की कमी साफ नजर आ रही है।
