Panic Across the Middle East:अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस घटना ने खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों को डरा दिया है। जो देश पहले सुरक्षित माने जाते थे, वहां अब अनिश्चितता और घबराहट का माहौल है। कई लोग जल्द से जल्द इस इलाके से बाहर निकलना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ लोग करोड़ों रुपये खर्च कर भी सुरक्षित जगह जाने की कोशिश कर रहे हैं
ईरान का जवाबी हमला
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। उसने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों से Abu Dhabi, Dubai, कतर और बहरीन जैसे देश भी प्रभावित हुए हैं।
ये देश अब तक व्यापार और पर्यटन के लिए सुरक्षित माने जाते थे, लेकिन हालिया हमलों ने स्थिति बदल दी है।
उड़ानें रद्द, हवाई संकट गहराया
सुरक्षा कारणों से कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने मिडिल ईस्ट के ऊपर से अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। इससे हजारों यात्री अलग-अलग देशों में फंस गए हैं। व्यावसायिक उड़ानें बंद होने के बाद अमीर कारोबारी, ग्लोबल कंपनियों के अधिकारी और छुट्टियां मनाने गए लोग प्राइवेट जेट का सहारा ले रहे हैं।ब्रिटिश अखबार Daily Mail की रिपोर्ट के अनुसार, रियाद से यूरोप तक एक प्राइवेट जेट का किराया 3 लाख 50 हजार डॉलर, यानी करीब 3.2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। मांग इतनी ज्यादा है कि जेट तुरंत उपलब्ध नहीं हो पा रहे।
सऊदी बना नया रास्ता
ओमान के बंदरगाह और एक तेल टैंकर पर हमले के बाद वहां से बाहर निकलने के रास्ते बंद हो गए हैं। ऐसे में Saudi Arabia फिलहाल सबसे सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आया है। उड़ानें सीमित होने की वजह से दुबई से रियाद तक करीब 10 घंटे की सड़क यात्रा की जा रही है। निजी सुरक्षा कंपनियां एसयूवी गाड़ियों की पूरी फ्लीट बुक कर लोगों को सुरक्षित रियाद पहुंचा रही हैं।
रियाद एयरपोर्ट की अहम भूमिका
रियाद का King Khalid International Airport अभी भी सामान्य रूप से काम कर रहा है। सऊदी सरकार ने वीजा नियमों में भी ढील दी है। अब कई देशों के नागरिकों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दी जा रही है, जिससे आपात स्थिति में यहां से निकलना आसान हो गया है।सऊदी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने अपनी सीमा की ओर बढ़ रहे दो ड्रोन को मार गिराया है। इसी वजह से वहां से उड़ान भरना फिलहाल अन्य देशों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बदल रहे हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच लोग सुरक्षित जगह तलाश रहे हैं। कब स्थिति सामान्य होगी, यह कहना मुश्किल है। फिलहाल डर और अनिश्चितता का दौर जारी है।

