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International news : म्यांमार में 7.7 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, मस्जिद समेत कई इमारतें गिरीं, कम से कम 20 लोगों की मौत

Myanmar earthquake disaster

Myanmar earthquake disaster म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप और उसके बाद 6.8 तीव्रता के शक्तिशाली झटके के बाद कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि रिपोर्ट्स बताती हैं कि मांडले शहर में एक मस्जिद ढह गई जिसमें कई लोग मारे गए हैं।

भूकंप का केंद्र और असर

भूकंप का केंद्र सागाइंग के उत्तर-पश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई पर था। झटके म्यांमार, थाईलैंड, पूर्वोत्तर भारत और चीन के कुछ हिस्सों में झटके महसूस किए।

भूकंप इतना तीव्र था कि बैंकॉक में मेट्रो और रेल सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं, जिससे निवासियों में व्यापक दहशत फैल गई।

थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने तत्काल संकट बैठक बुलाई और राजधानी में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी।

Myanmar में स्थिति गंभीर बनी हुई है, खासकर मांडले क्षेत्र में इमारतों के ढहने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। मांडले और यांगून के बीच की सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत प्रयासों में बाधा आ रही है।

प्रभावित क्षेत्रों से चौंकाने वाले फुटेज में ढहती इमारतें और भयभीत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागते हुए दिख रहे हैं। लाओस के विएंतियाने में भी झटके महसूस किए गए यहां भी ऊंची इमारतों में तीव्र झटकों के वीडियो वायरल हो रहे हैं।

म्यांमार में आपातकाल की स्थिति घोषित

Myanmar में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है, राहत और बचाव प्रयासों में सहायता के लिए अंतर्राष्ट्रीय अपील जारी की गई है। देश में अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है, आपातकालीन टीमें जीवित बचे लोगों को ढूंढने तथा अपने घरों में फंसे लोगों की सहायता करने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं।

पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी म्यांमार और थाईलैंड में आए शक्तिशाली भूकंप पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने दोनों सरकारों को हर संभव मदद देने का वादा किया है।

पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा, “म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों से तैयार रहने को कहा है। साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है।”

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