Nobel Peace Prize Controversy Explained: वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो द्वारा अपना नोबेल पदक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किए जाने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले पर रॉयल स्वीडिश एकेडमी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा है कि नोबेल पुरस्कार और पुरस्कार विजेता को अलग नहीं किया जा सकता। एकेडमी के मुताबिक, नोबेल शांति पुरस्कार किसी भी हालत में साझा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। पदक या डिप्लोमा भले ही किसी और के पास चला जाए, लेकिन इससे यह तथ्य नहीं बदलता कि पुरस्कार किसे दिया गया था। इतिहास में नोबेल विजेता का नाम हमेशा वही रहेगा, जिसे समिति ने चुना था।
रॉयल स्वीडिश एकेडमी का आधिकारिक बयान
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ने अपने बयान में कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार के तीन मुख्य हिस्से होते हैं। पहला, स्वर्ण पदक, दूसरा डिप्लोमा और तीसरा पुरस्कार राशि। इन तीनों का भविष्य कुछ भी हो, लेकिन पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति का नाम कभी नहीं बदलता। एकेडमी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई पदक या डिप्लोमा किसी और को दे दिया जाए या बेच दिया जाए, तब भी उससे नोबेल शांति पुरस्कार विजेता की पहचान पर कोई असर नहीं पड़ता।
नोबेल पुरस्कार न तो शेयर हो सकता है, न रद्द
एकेडमी ने यह भी दोहराया कि नोबेल पुरस्कार न तो किसी और के साथ साझा किया जा सकता है और न ही घोषणा के बाद किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है। एक बार दिया गया नोबेल शांति पुरस्कार कभी रद्द नहीं होता। यह फैसला अंतिम और स्थायी होता है।
इसके साथ ही कहा गया कि नॉर्वे की नोबेल समिति विजेताओं के रोजमर्रा के राजनीतिक फैसलों या बयानों पर टिप्पणी नहीं करती। पुरस्कार उस योगदान के आधार पर दिया जाता है, जो चयन के समय देखा गया होता है।
पदक रखने, बेचने या दान करने की आज़ादी
एकेडमी ने यह भी साफ किया कि नोबेल फाउंडेशन के नियमों में इस बात की कोई रोक नहीं है कि विजेता अपने पदक, डिप्लोमा या पुरस्कार राशि के साथ क्या करे। विजेता चाहे तो इन्हें अपने पास रख सकता है, दान कर सकता है या बेच भी सकता है।
दुनिया भर के कई संग्रहालयों में नोबेल पदक प्रदर्शित हैं। कई विजेताओं ने अपने पदक सामाजिक कार्यों या मानवीय मदद के लिए दान या नीलाम किए हैं।
जब नोबेल विजेताओं ने बेचे या दान किए पदक
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान के पदक और डिप्लोमा को उनकी पत्नी ने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जिनेवा को दान किया। रूसी पत्रकार दिमित्री मुरातोव ने अपना पदक बेचकर पूरी रकम यूक्रेनी शरणार्थी बच्चों के लिए दान कर दी।
भौतिकी के नोबेल विजेता लियोन लेडरमैन ने इलाज के खर्च के लिए अपना पदक बेचा, जबकि लेखक नट हैमसन ने 1943 में अपना पदक जर्मनी के प्रचार मंत्री जोसेफ गोएबल्स को भेंट कर दिया था।
इस पूरे मामले में एकेडमी का संदेश साफ है, पदक का मालिक बदल सकता है, लेकिन नोबेल पुरस्कार विजेता नहीं।




