Hypersonic Missile: नॉर्थ कोरिया ने दो मिसाइलों का परीक्षण किया। दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, दोनों मिसाइलें पूर्वी तट के वॉनसान इलाके से समुद्र की ओर दागी गईं। इनमें पहली करीब 450 किलोमीटर और दूसरी 600 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक गई।
दो मिसाइलों का परीक्षण
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, दोनों मिसाइलों के प्रक्षेपण के बीच करीब तीन घंटे का अंतर था। पहला परीक्षण लगभग शाम 3 बजे और दूसरा करीब 5:50 बजे हुआ। दोनों मिसाइलें समुद्र में जाकर गिरीं। जापान ने भी इनके अपनी आर्थिक सीमा से बाहर समुद्री क्षेत्र में गिरने की जानकारी दी।
हाइपरसोनिक हथियार का दावा
नॉर्थ कोरिया ने इसे नए हथियार सिस्टम का परीक्षण बताया है। सरकारी तस्वीरों में एक निगरानी स्क्रीन पर ‘Hwasongpho-11Ma-1 flight trajectory’ लिखा दिखाई दिया। इससे विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया कि यह Hwasong-11Ma का अपग्रेडेड संस्करण और हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल से जुड़ी प्रणाली हो सकती है।
हाइपरसोनिक हथियारों को आम तौर पर 5 मैक से ज्यादा गति से उड़ने और उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। ऐसी विशेषताएं मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए लक्ष्य का अनुमान लगाना मुश्किल बना सकती हैं। हालांकि, नॉर्थ कोरिया के दावों की स्वतंत्र पुष्टि हमेशा संभव नहीं होती। दक्षिण कोरिया की सेना ने भी कहा है कि मिसाइल की क्षमताओं से जुड़े दावों का आकलन किया जा रहा है।
दूरी के आंकड़ों में अंतर
नॉर्थ कोरिया की ओर से जारी तस्वीर में मिसाइल की दूरी 908.2 किलोमीटर दिखाई गई। स्क्रीन पर इसकी गति 2,146 मीटर प्रति सेकंड और ऊंचाई 35.8 किलोमीटर भी दर्ज थी। यह आंकड़ा दक्षिण कोरियाई सेना के 450 और 600 किलोमीटर के आकलन से काफी अलग है। विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि प्योंगयांग ने परीक्षण के आंकड़ों को अपनी सफलता दिखाने के लिए अलग तरीके से पेश किया हो सकता है।
किम जोंग ने क्या कहा
नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने परीक्षण को सैन्य तकनीक में महत्वपूर्ण प्रगति बताया। सरकारी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इस तकनीकी विकास से दुश्मनों को “लाइलाज सिरदर्द” मिलेगा। किम ने इसे देश की युद्ध तैयारी और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
बेटी के साथ पहुंचे किम
किम जोंग उन परीक्षण के दौरान अपनी बेटी किम जू-ए के साथ मौजूद थे। नॉर्थ कोरिया ने परीक्षण की तस्वीरें दो दिन बाद जारी कीं। यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बना हुआ है।

