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पुतिन के पास भी है ’कटप्पा’, जानिए योद्धा ने कैसे 65 हजार यूक्रेनी सैनिकों को मारकर कुर्स्क पर किया कब्जा

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच फिलहाल भीषण जंग जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को रोकने के लिए प्रयासरात हैं। इनसब के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने भरोसेमंद कमांडर रमजान कादिरोव को जंग के मैदान में उतार दिया है। पुतिन के ‘कटप्पा’ ने अपने लड़कों से वह काम करके दिखाया है, जो असंभव था। रमजान के जवानों ने 65 हजार यूक्रेनी सैनिकों को मारकर कुर्स्क पर एकबार फिर से कब्जा कर लिया है।

कुर्स्क पर यूक्रेन ने किया था कब्जा

दरअसल, कई माह पहले यूक्रेनी सेना ने रूस के कुर्स्क शहर पर कब्जा कर लिया था। रूस ने कुर्स्क पर दोबारा कब्जे के लिए अपने दो लाख सैनिकों को जंग के मैदान में उतारा था पर कामयाबी नहीं मिल रही है। ऐसे में व्लादिमीर पुतिन ने अपने खास कमांडर रमजान कादिरोव को कुर्स्क फतह की जिम्मेदारी सौंपी। रमजान कादिरोव ने कुर्स्क पर कब्जे का प्लान बनाया। रमजान ने अपने एक मेजर को इस मिशन की जिम्मेदारी दी। कुर्स्क के सभी रास्तों पर यूक्रेनी सेना के जवान तैनात थे। यूक्रेनी सेना के फिदायिन दस्ते भी जंगलों में छिपे थे।

फिर रमजान ने ऐसे जीता कुर्स्क

ऐसे में रमजान के लिए ये ऑपरेशन सुसाइड की तरह था। तभी रमजान ने अपने मेजर के साथ बैठक की। इस दौरान रूस से कुर्स्क तक एक 15 किमी लंबी सुरंग के बारे में जानकारी रमजान को हुई। फिर क्या था रजमान ने तय किया कि उसके कमांडो की टुकड़ी इसी सुरंग के अंदर से कुर्स्क पर दाखिल होगी। रमजान के कमांडो सुरंग पर दाखिल होते हैं। 10 दिन तक सुरंग के अंदर चलते हैं। फिर कुर्स्क में दाखिल होते हैं और जबरदस्त ऑपरेशन के जरिए करीब 65 हजार युक्रेनी सैनिकों की हत्या कर देते हैं। इसके बाद कुर्स्क के 86 फीसदी जमीन पर कब्जा कर लेते हैं।

पुतिन ने कुर्स्क का किया दौरा

रूसी रक्षा मंत्रालय की तरफ से बयान जारी किया गया है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि रूसी सेना ने कुर्स्क पर दोबारा कब्जा कर लिया है। जंग के दौरान 65 हजार यूक्रेनी सैनिक मारे गए हैं। वहीं पुतिन ने कुर्स्क क्षेत्र का दौरा भी किया। रूसी राज्य टेलीविजन द्वारा प्रसारित वीडियो में सैन्य वर्दी पहने हुए, रूसी राष्ट्रपति ने फ्रंटलाइन सैनिकों से कहा कि मॉस्को का लक्ष्य कुर्स्क को जल्द से जल्द “पूरी तरह से मुक्त करना है। यह पिछले साल यूक्रेन के अप्रत्याशित आक्रमण के बाद से पश्चिमी क्षेत्र की पुतिन की पहली यात्रा थी। पुतिन की सावधानीपूर्वक तैयार की गई यात्रा का उद्देश्य सैनिकों का मनोबल बढ़ाना है।

कौन हैं रमजान कादिरोव

रमजान कादिरोव का जन्म पांच अक्टूबर 1976 में हुआ था। उनसे पहले उनके पिता अखमद कादिरोव चेचन्या के प्रमुख थे, लेकिन 2004 में उनकी हत्या कर दी गई। चेचन्या रूस की दक्षिणी सीमा पर स्थित है। सोवियत संघ के टूटने के बाद चेचन्य स्वतंत्र हो गया था। चेचन्या में 1990 और 2000 के दशक में दो युद्ध हुए, जिसके बाद रूस ने चेचन्या पर कब्जा कर लिया। रूस में पुतिन की सत्ता के दौरान ही उन्होंने 2007 में कादिरोव को चेचन्या का प्रमुख बना दिया था। वह सत्ता में 15 साल से अधिक समय से काबिज हैं।

चेचन्या सेना के कमांडर हैं कादिरोव

कादिरोव रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी और भरोसेमंद लोगों में से एक हैं। कादिरोव रशियन रिपब्लिक ऑफ चेचन्या के प्रमुख हैं और चेचन्या सेना के कमांडर हैं। वह यूक्रेन पर रूस के हमले का लगातार समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने यूक्रेन को यह तक धमकी दे डाली थी कि वे आत्मसमर्पण कर दें वरना दुनिया के नक्शे से उन्हें खत्म कर दिया जाएगा। जानकार बताते हैं कि पुतिन सबसे ज्यादा विश्वास रमजान पर करते हैं। जब भी संकट में पुतिन होते हैं तब रमजान ‘कटप्पा’ बनकर उनकी सहायता करता था।

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