International News:कैलिफोर्निया की सबसे बड़ी झील बनने की कभी कोई योजना नहीं थी। यह झील न किसी बांध के निर्माण से बनी और न ही किसी प्राकृतिक जलस्रोत के विस्तार से। बल्कि 1905 में कोलोराडो नदी पर की गई एक छोटी सी इंजीनियरिंग चूक ने ऐसी घटना को जन्म दिया, जिसने देखते ही देखते एक विशाल झील का रूप ले लिया। आज यह झील कैलिफोर्निया के इतिहास की सबसे अनोखी जल संबंधी घटनाओं में गिनी जाती है। करीब 121 साल पहले बनी यह झील अब खुद एक नई समस्या का कारण बन रही है। इसका पानी घटने से झील के नीचे जमा जहरीले तत्व बाहर आ रहे हैं और हवा के साथ उड़ने वाली धूल आसपास रहने वाले लोगों की सेहत के लिए खतरा बन रही है।
नहर में जमा हो गई मिट्टी
इस कहानी की शुरुआत 1904 में हुई थी। उस समय कैलिफोर्निया की इंपीरियल वैली में खेती के लिए कोलोराडो नदी से पानी पहुंचाया जाता था। इसके लिए नहरों का इस्तेमाल होता था। एक समय नहर में बड़ी मात्रा में मिट्टी और गाद जमा हो गई, जिससे पानी का बहाव रुक गया। किसानों की फसलों को बचाने के लिए सिंचाई का पानी पहुंचाना जरूरी था। ऐसे में इंजीनियरों ने नहर के रास्ते में एक कट बनाकर पानी के बहाव का वैकल्पिक रास्ता तैयार किया। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यह छोटा सा प्रयोग आगे चलकर इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा का कारण बन जाएगा।
नदी ने बदल लिया रास्ता
साल 1905 की सर्दियों में कोलोराडो नदी में भीषण बाढ़ आई। बाढ़ के तेज बहाव ने बनाए गए कट को और चौड़ा कर दिया। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी हो गई कि कोलोराडो नदी का पानी अपने पुराने रास्ते को छोड़कर समुद्र तल से नीचे स्थित साल्टन सिंक की ओर बहने लगा। यह इलाका पहले से ही एक सूखा और निचला बेसिन था। नदी का पानी लगातार इसी क्षेत्र में जमा होने लगा। यह सिलसिला करीब दो साल तक चलता रहा। पानी का बहाव इतना तेज था कि साल्टन सिंक में हर सेकंड हजारों घन फीट पानी पहुंच रहा था। देखते ही देखते यहां एक विशाल झील बनने लगी।
राष्ट्रपति तक पहुंचा मामला
1907 तक हालात काफी गंभीर हो चुके थे। पानी के बढ़ते स्तर से रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाके डूबने लगे। इस समस्या ने दक्षिणी प्रशांत रेलवे कंपनी को भी परेशान कर दिया। कंपनी के अध्यक्ष एडवर्ड हैरिमन ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट से मदद मांगी। इसके बाद नदी के बहाव को रोकने और उसे पुराने रास्ते पर वापस लाने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू हुआ। रेलगाड़ियों के जरिए पत्थर और अन्य सामग्री लाकर नदी के रास्ते में डाली गई। काफी मशक्कत के बाद कोलोराडो नदी के बहाव को नियंत्रित किया जा सका। हालांकि तब तक एक विशाल झील अस्तित्व में आ चुकी थी।
58 किलोमीटर तक फैली झील
इस पूरी घटना का नतीजा था कैलिफोर्निया की प्रसिद्ध साल्टन सी यानी साल्टन झील। शुरुआत में यह करीब 58 किलोमीटर लंबी और 43 किलोमीटर चौड़ी हो गई थी। इसे बनाने की कोई सरकारी या इंजीनियरिंग योजना नहीं थी। यह पूरी तरह कोलोराडो नदी के बदले हुए रास्ते और लगातार जमा हुए पानी का परिणाम थी। साल्टन सी को कैलिफोर्निया की सबसे बड़ी झील माना जाता है। हालांकि इसका पानी समुद्र की तरह खारा है और यह प्राकृतिक समुद्र नहीं, बल्कि एक अंतर्देशीय खारे पानी की झील है।
सूखने की थी उम्मीद
शुरुआत में विशेषज्ञों और अधिकारियों को उम्मीद थी कि कुछ वर्षों में झील का पानी सूख जाएगा। माना जा रहा था कि 1920 के आसपास यह इलाका फिर से सूखी जमीन में बदल सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इंपीरियल वैली के खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाला पानी जमीन से रिसकर लगातार इस झील तक पहुंचता रहा। इसके अलावा बारिश और दूसरे जलस्रोतों से भी इसे पानी मिलता रहा। इस वजह से झील कई दशकों तक बनी रही। बाद के वर्षों में यह पर्यटन, मछली पकड़ने और आसपास की स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी अहम हिस्सा बन गई।
अब धूल बन रही मुसीबत
पिछले करीब दो दशकों से साल्टन सी का जलस्तर लगातार घट रहा है। इसकी बड़ी वजह कोलोराडो नदी से मिलने वाले पानी में कमी, सिंचाई के तरीकों में बदलाव और जल समझौतों के तहत पानी की आपूर्ति में कटौती है। झील का पानी घटने से उसके नीचे मौजूद सूखी जमीन बाहर आने लगी है। इस जमीन में वर्षों से जमा आर्सेनिक, सेलेनियम और अन्य खनिज तत्व मौजूद हैं। तेज हवा चलने पर यहां की मिट्टी और धूल आसपास के इलाकों में फैलती है।
इससे सांस संबंधी बीमारियों और फेफड़ों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर चिंता बढ़ी है। खासकर आसपास रहने वाले बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। धूल को उड़ने से रोकने के लिए प्रभावित जमीन पर घास और वनस्पति उगाने के साथ घास के गट्ठरों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।

