Bangladesh Politics: पार्टी दफ्तर खुलने, नेताओं को राहत, क्या शेख हसीना की वापसी की जमीन हो रही तैयार?

बांग्लादेश में अवामी लीग की जमीनी गतिविधियां फिर दिखाई दे रही हैं। कई कार्यालय खुले और नेताओं को जमानत मिली। इसी बीच शेख हसीना ने दिसंबर में स्वदेश लौटने की घोषणा की है, लेकिन कानूनी चुनौतियां बड़ी हैं।

5 अगस्त 2024 को बड़े जनआंदोलन के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर भारत आना पड़ा था। इसके बाद अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई और पार्टी के कई नेता या तो जेल पहुंचे, देश से बाहर चले गए या भूमिगत हो गए। लेकिन फरवरी 2026 के चुनाव के बाद पार्टी के जमीनी स्तर पर दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिलने लगे। रिपोर्टों के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में एक दर्जन से ज्यादा अवामी लीग कार्यालयों के ताले खोले गए। कुछ जगहों पर पार्टी समर्थकों ने नारेबाजी और झंडे लगाने जैसी गतिविधियां भी कीं।

नेताओं को राहत

अवामी लीग के लिए दूसरा बड़ा संकेत उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को अदालतों से मिल रही राहत है। फरवरी में जमात-ए-इस्लामी ने कई अवामी लीग नेताओं को जमानत मिलने और पार्टी कार्यालय दोबारा खुलने पर चिंता जताई थी। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी पर लगी राजनीतिक पाबंदी पूरी तरह खत्म हो गई है। अवामी लीग की गतिविधियां अभी भी कानूनी और राजनीतिक विवाद के घेरे में हैं।

हसीना का ऐलान

इसी बीच शेख हसीना ने अपनी वापसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। अगस्त 2026 में दिल्ली से वर्चुअल संबोधन में उन्होंने कहा कि वह दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने की योजना रखती हैं। उन्होंने गिरफ्तारी, जेल और यहां तक कि मौत की सजा के खतरे के बावजूद स्वदेश लौटने की बात कही है। हसीना 2024 में सत्ता से हटने के बाद से भारत में रह रही हैं।

रास्ते में बड़ी मुश्किल

हालांकि हसीना की वापसी आसान नहीं होगी। बांग्लादेश में उन्हें 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है। बांग्लादेश सरकार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग भी कर रही है। भारत की ओर से इस मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत देखा जा रहा है। ऐसे में सिर्फ हसीना की इच्छा से उनकी वापसी संभव नहीं मानी जा सकती।

क्या वापसी संभव?

अवामी लीग के कार्यालयों का दोबारा खुलना और कुछ नेताओं को जमानत मिलना पार्टी के लिए राजनीतिक स्पेस बनने के संकेत जरूर हैं, लेकिन इसे हसीना की वापसी की पक्की तैयारी कहना जल्दबाजी होगी। पार्टी अभी भी प्रतिबंधों और 2024 की हिंसा से जुड़े आरोपों का सामना कर रही है। फिर भी जमीनी गतिविधियों से साफ है कि अवामी लीग पूरी तरह राजनीतिक मैदान से बाहर नहीं हुई है। अगर आने वाले महीनों में पार्टी की गतिविधियों पर रोक कमजोर होती है और नेताओं को ज्यादा राहत मिलती है, तो हसीना की दिसंबर में वापसी का मुद्दा बांग्लादेश की राजनीति का सबसे बड़ा सवाल बन सकता है।

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