अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत बेनतीजा रहने के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। Donald Trump ने गुस्से में आकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी का ऐलान कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई जहाज ईरान को पैसे देकर इस रास्ते से गुजरता है, तो अमेरिकी नेवी उसे रोक देगी या डुबो भी सकती है।
कड़ा रुख और चेतावनी
ट्रंप ने यह भी कहा कि अब ईरान की समुद्री दबंगई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Strait of Hormuz दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। ऐसे में इस फैसले का असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय माना जा रहा है।
पाकिस्तान में हुई बैठक
इसी बीच Islamabad में Shehbaz Sharif और Asim Munir की अगुवाई में करीब 20 घंटे लंबी बैठक हुई। बातचीत सकारात्मक बताई गई, लेकिन ईरान ने होर्मुज खोलने के अपने वादे से पीछे हटने के संकेत दिए हैं। इससे स्थिति और ज्यादा जटिल हो गई है।
अमेरिकी कार्रवाई की तैयारी
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसकी नेवी अब तुरंत इस इलाके में सख्ती करेगी। ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाकर दुनिया को डराने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी जहाज ईरान को कोई भी अवैध शुल्क देगा, उसे सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा।
तेज होते बयान और खतरा
ट्रंप ने यहां तक दावा कर दिया कि Ali Khamenei और ईरान की ताकत कमजोर हो चुकी है। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा कि अगर किसी ने अमेरिकी या किसी शांतिपूर्ण जहाज पर हमला किया, तो उसे इसका करारा जवाब दिया जाएगा। उनके बयान से साफ है कि हालात किसी बड़े टकराव की ओर बढ़ सकते हैं।
भारत के लिए क्यों मुश्किल
अब तक ईरान भारत के जहाजों को इस रास्ते से बिना परेशानी गुजरने देता था। भारत को एक भरोसेमंद साझेदार मानते हुए उसने कभी सख्ती नहीं दिखाई। लेकिन ट्रंप के इस फैसले ने भारत की इस खास सुविधा को खत्म कर दिया है।
आगे कुआं, पीछे खाई
अब भारत के सामने बड़ी दिक्कत खड़ी हो गई है। अगर भारतीय जहाज ईरान को किसी तरह का शुल्क देकर निकलते हैं, तो अमेरिकी नेवी उन्हें रोक सकती है। इससे जहाज बीच समुद्र में फंस सकते हैं और भारत तक तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
महंगाई बढ़ने का खतरा
अगर होर्मुज में तनाव बढ़ता है और जहाजों की आवाजाही रुकती है, तो कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी। इसका सीधा असर भारत पर पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम अचानक बहुत ज्यादा बढ़ सकते हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर भारी बोझ पड़ेगा।
बढ़ सकता है वैश्विक संकट
अगर अमेरिका और ईरान आमने-सामने आते हैं, तो यह सिर्फ दो देशों का मामला नहीं रहेगा। इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
