Ship Attack in Strait of Hormuz: मिली जानकारी के अनुसार, यह व्यापारिक जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा पोर्ट से अपनी यात्रा शुरू करके भारत के गुजरात में स्थित कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। यह एक सामान्य कमर्शियल जहाज था, जिसमें सामान ले जाया जा रहा था। भारत ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में भी आम जहाजों और निर्दोष लोगों को निशाना बनाना बिल्कुल गलत है। भारत ने साफ कहा कि ऐसे हमलों से हर हाल में बचना चाहिए, क्योंकि इससे बेगुनाह लोगों की जान खतरे में पड़ती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ता है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ली जिम्मेदारी
इस हमले के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आधिकारिक बयान जारी करके इसकी जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा कि थाईलैंड के झंडे वाले इस व्यापारिक जहाज पर प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल जैसा हथियार उन्होंने ही दागा था। यह हमला उस समय हुआ जब जहाज दुनिया के सबसे व्यस्त और संकरे तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। यह समुद्री रास्ता बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल इसी रास्ते से होकर जाता है।
हमले के बाद जहाज में उठने लगा धुआं
रॉयल थाई नेवी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रोजेक्टाइल के सीधे टकराने के बाद जहाज के ऊपरी हिस्से और ढांचे से तेज धुआं निकलता हुआ देखा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि जहाज को भारी नुकसान पहुंचा। जहाज पर मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया और तुरंत बचाव की कोशिश शुरू की गई।
क्रू को जहाज छोड़कर पानी में उतरना पड़ा
जिस जहाज पर हमला हुआ उसका नाम मयूरी नारी बताया जा रहा है। यह एक बहुत बड़ा बल्क कैरियर जहाज है, जिसकी लंबाई करीब 178 मीटर और वजन लगभग 30,000 टन बताया गया है। हमले के बाद जहाज पर मौजूद क्रू सदस्यों को अपनी जान बचाने के लिए जहाज छोड़ना पड़ा और वे समुद्र में उतर गए। बचाव दल ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पानी में फंसे 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
तीन सदस्य अब भी लापता
रिपोर्ट के अनुसार, जहाज के तीन सदस्य अभी भी लापता हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये लोग जहाज के इंजन रूम में फंस गए होंगे। बचाव दल लगातार उनकी तलाश कर रहा है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक खोज अभियान बंद नहीं किया जाएगा।
भारत सरकार ने जताई चिंता
भारत सरकार ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और पश्चिम एशिया के हालात को लेकर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस संघर्ष के दौरान पहले भी कई बार कमर्शियल जहाजों पर हमले हो चुके हैं। इन हमलों में कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल रहे हैं।
समुद्री व्यापार के लिए बड़ा खतरा
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और इनकी गंभीरता भी ज्यादा हो रही है। इससे पूरी दुनिया के समुद्री व्यापार पर खतरा पैदा हो सकता है। साथ ही, जो लोग इन जहाजों पर काम करते हैं उनकी जान भी जोखिम में रहती है। भारत ने सभी देशों से अपील की है कि हालात को शांत करने की कोशिश की जाए और आम लोगों को किसी भी तरह के हमले से बचाया जाए।
