Trump’s Big Claim:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया में जंग रोकने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाई। इसके साथ ही उन्होंने आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच टकराव को भी एक दिन में खत्म कराने का दावा किया। ट्रंप के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें फोन कर कहा कि जो काम वह कई सालों में नहीं कर पाए, वह ट्रंप ने तुरंत कर दिखाया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि पुतिन ने उनसे दूसरे इलाकों में भी समझौता कराने की बात कही। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में फिर से बहस तेज हो गई है।
पहले भी कर चुके हैं ऐसे दावे
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का दावा किया हो। इससे पहले भी वह कई बार भारत-पाकिस्तान सहित अलग-अलग देशों के बीच तनाव खत्म कराने की बात कह चुके हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, तब दोनों देशों के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे।
उस समय सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ही सोशल मीडिया पर दावा किया था कि हालात को शांत कराने में उनकी भूमिका रही है। हालांकि भारत ने उस वक्त भी इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था।
भारत का साफ रुख, मध्यस्थता से इनकार
भारत सरकार ने बार-बार साफ किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह की बातचीत या तनाव कम होना दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत से हुआ है। भारत का कहना है कि इसमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं रही।
भारत हर बार यह दोहराता रहा है कि वह द्विपक्षीय मुद्दों को आपसी बातचीत से सुलझाने में विश्वास रखता है और बाहरी दखल को स्वीकार नहीं करता।
WEF में ट्रंप का बयान, यूरोप पर भी साधा निशाना
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दावोस लौटकर उन्हें अच्छा लग रहा है। यहां उनके दोस्त, बिजनेस लीडर्स, कुछ विरोधी और खास मेहमान मौजूद हैं।
ट्रंप ने यूरोप की नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि यूरोप गलत दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके बयान को लेकर वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का सख्त बयान
ट्रंप ने ग्रीनलैंड का जिक्र करते हुए कहा कि वह ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों का सम्मान करते हैं, लेकिन ग्रीनलैंड की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि अपनी सीमाओं की रक्षा करना नाटो के हर देश की जिम्मेदारी है।
ट्रंप का कहना था कि अमेरिका के अलावा कोई भी देश ग्रीनलैंड को सुरक्षित नहीं रख सकता। चाहे कोई देश अकेले कोशिश करे या मिलकर, अमेरिका जितनी ताकत किसी के पास नहीं है।
वेनेजुएला और नाटो पर भी बोले ट्रंप
ग्रीनलैंड के अलावा ट्रंप ने वेनेजुएला, नाटो और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उनके बयानों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
