अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मीडिया के बीच विवाद अब लाइव टीवी कवरेज तक पहुंच गया है। ट्रंप प्रशासन ने CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित कर दिया। इसके विरोध में अमेरिका के पांच बड़े टीवी नेटवर्क ABC, CBS, CNN, Fox और NBC ने राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की पारंपरिक साझा टीवी कवरेज रोक दी।
तीन संस्थानों पर बैन
ट्रंप प्रशासन ने 18 सितंबर को CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश से रोक दिया था। इन संस्थानों ने इस फैसले के खिलाफ अदालत का रुख किया है। उनका कहना है कि रिपोर्टिंग के कारण मीडिया संस्थानों को सरकारी पहुंच से वंचित करना प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। मामले पर बुधवार को सुनवाई तय की गई है।
लाइव प्रसारण पर असर
आमतौर पर व्हाइट हाउस का टीवी प्रेस पूल राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करके दूसरे चैनलों को उपलब्ध कराता है। इस व्यवस्था में ABC, CBS, CNN, Fox और NBC बारी-बारी से जिम्मेदारी संभालते हैं। सोमवार को CNN की बारी थी, लेकिन उसके प्रतिबंधित होने के बाद बाकी नेटवर्क ने भी उसकी जगह लेने से इनकार कर दिया। नतीजतन ट्रंप के कई कार्यक्रमों की सामान्य लाइव टीवी कवरेज नहीं हुई।
व्हाइट हाउस ने जवाब दिया
इसी विवाद के बीच व्हाइट हाउस ने सोमवार शाम ‘TRUMP TV: The Essentials Station’ लॉन्च कर दिया। यह 24 घंटे चलने वाला ऑनलाइन वीडियो प्रसारण है, जिसमें ट्रंप के भाषण, प्रशासन की घोषणाएं, पुराने कार्यक्रम और दूसरे वीडियो दिखाए जा रहे हैं। व्हाइट हाउस ने इसे प्रशासन के प्रमुख पलों और घोषणाओं को एक जगह देखने का माध्यम बताया है।
पहले पुराने वीडियो दिखे
‘ट्रंप टीवी’ की शुरुआत ट्रंप के पुराने भाषणों से हुई। इसमें जुलाई में माउंट रशमोर पर दिए गए उनके भाषण की रिकॉर्डिंग भी दिखाई गई। व्हाइट हाउस का कहना है कि प्रसारण को रियल टाइम में अपडेट किया जाएगा और प्रशासन की प्रमुख गतिविधियों की वीडियो सामग्री लगातार उपलब्ध कराई जाएगी।
आगे क्या होगा
ट्रंप प्रशासन और मीडिया संस्थानों के बीच कानूनी लड़ाई जारी है। CNN, MS NOW और Politico जहां अपने प्रतिबंध को अदालत में चुनौती दे रहे हैं, वहीं बड़े टीवी नेटवर्क ने साझा प्रेस पूल की कवरेज रोक दी है। ऐसे में ‘ट्रंप टीवी’ के जरिए व्हाइट हाउस सीधे दर्शकों तक राष्ट्रपति और प्रशासन की वीडियो सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। इस पूरे विवाद ने अमेरिका में सरकारी पहुंच और स्वतंत्र मीडिया की भूमिका को लेकर बहस तेज कर दी है।

