Trump Venezuela Claim: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला वेनेजुएला से जुड़ा हुआ है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर कर खुद को “वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति” बताया। यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई।
हालांकि, यह दावा पूरी तरह से गलत बताया जा रहा है। मादुरो के बाद वेनेजुएला की सत्ता डेल्सी रोड्रिगेज के हाथों में सौंपी गई है, जिन्होंने आधिकारिक तौर पर कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। ट्रंप का यह बयान न सिर्फ भ्रामक है, बल्कि इससे कूटनीतिक विवाद भी गहरा गया है।
एडिटेड इमेज से फैला भ्रम
ट्रंप ने जो पोस्ट साझा किया, उसमें एक ऐसी इमेज थी जो एडिटेड विकिपीडिया पेज जैसी दिखाई दे रही थी। इसी इमेज के आधार पर उन्होंने खुद को वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति बताया। आलोचकों का कहना है कि यह जानबूझकर फैलाया गया भ्रम है, जिससे गलत जानकारी को बढ़ावा मिला। सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस दावे पर सवाल उठाए और इसे तथ्यहीन बताया।
अमेरिका की कार्रवाई और मादुरो की गिरफ्तारी
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस के साथ न्यूयॉर्क ले जाया गया। वहां उन पर नार्को-टेररिज्म से जुड़ी साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए।
इस कार्रवाई के बाद ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला को तब तक संभालेगा, जब तक वहां एक सुरक्षित और समझदारी भरा सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका यह खतरा नहीं उठा सकता कि कोई ऐसा व्यक्ति सत्ता में आए, जो वेनेजुएला के लोगों के हितों को नजरअंदाज करे।
डेल्सी रोड्रिगेज को मिली जिम्मेदारी
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया। पिछले हफ्ते उन्होंने औपचारिक रूप से इस पद की शपथ ली। इसके बावजूद ट्रंप का खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति बताना कई देशों को खटक रहा है।
इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला तेल देगी, जिसे बाजार भाव पर बेचा जाएगा। इस बयान के बाद तेल राजनीति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं।
चीन, रूस और ईरान को लेकर दबाव
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला पर दबाव बना रहा है कि वह चीन, रूस, ईरान और क्यूबा के साथ अपने आर्थिक रिश्ते खत्म करे। अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला तेल उत्पादन और निर्यात के लिए केवल अमेरिका के साथ ही साझेदारी करे और कच्चे तेल की बिक्री में उसे प्राथमिकता दे।
क्यों अहम है यह पूरा मामला
ट्रंप का यह दावा सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक और आर्थिक असर दूर तक जा सकते हैं। पहले से आर्थिक संकट झेल रहे वेनेजुएला के लिए यह स्थिति और जटिल हो गई है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस विवाद पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्या रुख अपनाता है।






