अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की गुरुवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय हुई, जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
मीडिया बायकॉट के बीच मुलाकात
ट्रम्प-जिनपिंग बैठक के दौरान अमेरिकी मीडिया का बायकॉट भी चर्चा में रहा। कई बड़े अमेरिकी नेटवर्क ने व्हाइट हाउस की कवरेज के लिए पूल कवरेज में हिस्सा नहीं लिया। इसका संबंध ट्रम्प प्रशासन की ओर से CNN, MS NOW और Politico के व्हाइट हाउस प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध से था। हालांकि, गुरुवार को एक संघीय जज ने इन तीनों संस्थानों की पहुंच बहाल करने का अस्थायी आदेश दिया।
जिनपिंग ने टकराव पर कहा
बैठक की शुरुआत में शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन को अपने साझा हितों को मतभेदों से ऊपर रखना चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के बीच लगातार और गहन बातचीत बढ़ाने पर जोर दिया। जिनपिंग के मुताबिक, दोनों देश अलग-अलग परिस्थितियों वाले राष्ट्र हैं, लेकिन बातचीत के जरिए एक-दूसरे को बेहतर समझ सकते हैं और मतभेदों को अलग रखते हुए भरोसा बढ़ा सकते हैं।
जिनपिंग ने यह भी कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए। उन्होंने अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा को सीमित दायरे में रखने की बात कही, ताकि रिश्तों में अनावश्यक तनाव न बढ़े।
ट्रम्प ने दोस्ती पर जोर
ट्रम्प ने जिनपिंग के साथ अपने रिश्ते को सकारात्मक अंदाज में पेश किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में साथ समय बिताया है और इसी दौरान उनके बीच दोस्ती बनी है। ट्रम्प ने इसे एक मजबूत दोस्ती बताया और कहा कि दोनों देश साथ मिलकर काम कर सकते हैं।
ट्रम्प ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका और चीन के सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में दोनों देशों के लोगों ने मिलकर काम किया था और मौजूदा समय में भी दोनों देश सहयोग का रास्ता अपना सकते हैं।
व्यापार और एआई पर नजर
बैठक में व्यापार और एआई जैसे मुद्दे भी अहम रहे। अमेरिका और चीन ने बुधवार को मौजूदा व्यापार समझौते को दो महीने आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके अलावा दोनों देशों के बीच एआई से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर भी बातचीत हुई। जिनपिंग ने कहा कि एआई का विकास मानव नियंत्रण में रहना चाहिए और इसका इस्तेमाल लोगों के हित में होना चाहिए।
दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका-चीन संबंधों में प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग की कोशिश भी दिखाई दे रही है। इस मुलाकात का असर आगे व्यापार, तकनीक और दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों पर देखने को मिल सकता है।

