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UK: Liz Truss को सत्ता के साथ तोहफे में मिली मुश्किलें, जानें Liz की चार चुनौती जो छिन सकती है कुर्सी

इंग्लैंड में 5 सितंबर को प्रधानमंत्री के लिए हुए चुनाव के नतीजे घोषित किए गए। लिज ट्रस मार्गरेट थैचर और थेरेसा के बाद ब्रिटेन की तीसरी महिला प्रधानमंत्री बनी। जिसके बाद पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर के लिज ट्रस को बधाई भी दी भारतीय मूल के ऋषि सुनक इंग्लैंड के पीएम की रेस में पीछे रह गए और लिज ट्रस ने उन्हें मात दे दी। लेकिन लिज ट्रस भले ही ब्रिटेन की पीएम बन गई हो लेकिन ये रहा उनके लिए आसान नहीं होने वाली है। लिज के सामने चार बड़ी चुनौतियां है।

लिज की पहली और दूसरी चुनौती

लिज के पहली समस्या है रूस और यूक्रेन का युद्ध जो खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। यूके ने अब तक यूक्रेनी सेना को मदद के रूप में अरबों पाउंड दिए हैं। ऐसे समय में लिज को कोई अहम फैसला लेना होगा। क्योंकि चीन को नजरअंदाज करना भी बड़ी गलती होगी।

दूसरी समस्या ये है कि विपक्षी पार्टी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं एक सर्वे के अनुसार चुनाव में लेबर पार्टी को हराने की क्षमता लिज में नहीं ऋषि सुनक में है। जानकारी के मुताबिक लेबर पार्टी के पास 9-पॉइंट पोलिंग लीड है। अगर लिज और लेबर पार्टी का मुकाबला होता है लीज को हार का सामना करना होगा।

लीज की तीसरी और चौथी चुनौती

तीसरी समस्या ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था है। क्योंकि बैंक ऑफ इंग्लैंड के अनुसार ब्रिटेन साल के अंत तक आर्थिक मंदी में चला जाएगा। वहीं महंगाई 40 साल में पहली बार 10% से ऊपर पहुंच गई है। बिजली 54% महंगा हो गया है। अगर लिज महंगाई को कम नहीं कर पाई और आम आदमी को राहत न दे पाईं तो उनके खिलाफ आवाज उठनी शुरू हो जाएगी।

लिज अभी परिवहन कर्मचारियों, पत्रकारों और वकीलों की हड़तालों से निपटना है। साथ ही पीएम को बंटी हुई कंजर्वेटिव पार्टी के भीतर पनप रहे एक और विद्रोह को भी रोकना है। अगर लिज ट्रस ने अपनी पार्टी के लोगों का समर्थन हासिल नहीं किया तो उनका हाल भी बोरिस जॉनसन जैसा हो सकता है।

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