अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में कम से कम सात सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीन लीं। इस नतीजे के बाद ट्रंप के लिए राष्ट्रपति के रूप में अपने बचे हुए दो साल में नीतियों को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा।
ट्रंप ने क्या दी प्रतिक्रिया?
चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप ने अपनी हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने माना कि नतीजे उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे। उन्होंने ईरान युद्ध और उससे जुड़े पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को भी चुनावी नतीजों की एक वजह बताया।
इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि अगर वह खुद चुनाव लड़ रहे होते तो रिपब्लिकन पार्टी बड़े अंतर से जीतती। उन्होंने सोशल मीडिया पर राजनीतिक विश्लेषक की भूमिका निभाने और उम्मीदवारों की जीत-हार के कारणों पर टिप्पणी करने की बात भी कही।
फॉक्स न्यूज पर भी साधा निशाना
ट्रंप ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में फॉक्स न्यूज की आलोचना की। उन्होंने चैनल पर डेमोक्रेटिक नेताओं को जगह देने पर नाराजगी जताई। चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन के बीच ट्रंप ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
सीनेट और हाउस का नंबर गेम
अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।
• सीनेट: 100 सदस्यों वाले उच्च सदन में डेमोक्रेट्स ने बहुमत हासिल कर लिया है। फॉक्स न्यूज के चुनावी आंकड़ों में डेमोक्रेट्स को 53 और रिपब्लिकन को 41 सीटें दिखाई गई हैं।
• हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स: निचले सदन की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुए। एपी के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने यहां भी बहुमत हासिल कर लिया है। बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है।
• गवर्नर चुनाव: कई राज्यों में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इससे राज्य स्तर पर भी पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है।
ट्रंप की हार के पीछे क्या वजहें?
चुनाव के नतीजों में महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत और ईरान युद्ध जैसे मुद्दों की अहम भूमिका रही। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, मतदाताओं की नाराजगी का असर रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर पड़ा। इसके अलावा भ्रष्टाचार को लेकर चिंता और युवा तथा हिस्पैनिक मतदाताओं का रुझान भी चुनावी नतीजों में महत्वपूर्ण रहा।
अब आगे क्या होगा?
सीनेट और हाउस दोनों में बहुमत गंवाने के बाद ट्रंप प्रशासन के सामने नई चुनौतियां होंगी। डेमोक्रेट्स अब सरकार के विधेयकों, बजट और प्रशासनिक फैसलों पर प्रभाव डाल सकेंगे। इसके अलावा वे सरकारी कामकाज की जांच और प्रशासन से जवाबदेही भी मांग सकेंगे।
हालांकि, मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार से ट्रंप का राष्ट्रपति पद खत्म नहीं होगा। उनका कार्यकाल जारी रहेगा, लेकिन संसद में विपक्ष का नियंत्रण होने से आने वाले दो सालों में राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है।

