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Russia Recruitment : जेलेंस्की का दावा, रूस ने 47 देशों के नागरिक जंग में झोंके; 51 भारतीयों की मौत

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर दूसरे देशों के नागरिकों को बहला-फुसलाकर रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में कहा कि रूस 47 देशों के नागरिकों का इस्तेमाल युद्ध में कर रहा है। इनमें भारत के अलावा घाना, नेपाल, ताजिकिस्तान, यमन, केन्या, जिम्बाब्वे, क्यूबा, बेलारूस और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं।

जेलेंस्की ने कहा कि इन देशों के कुछ नागरिक रूस में धोखे और अलग-अलग तरह के लालच के जरिए पहुंचे और बाद में युद्ध के मैदान में भेजे गए। उन्होंने संबंधित देशों की सरकारों से अपने नागरिकों को युद्ध में जाने से रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की।

227 भारतीय भर्ती

भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 227 भारतीय नागरिकों के रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने की जानकारी मिली है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सितंबर की शुरुआत में बताया था कि इनमें से 139 भारतीयों को रूसी सेना से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि 51 की मौत हो चुकी है। बाकी मामलों में भारत रूस के साथ लगातार संपर्क में है।

भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास इन मामलों की निगरानी कर रहा है। भारत रूस से बचे हुए भारतीय नागरिकों की रिहाई और सुरक्षित वापसी का मुद्दा लगातार उठा रहा है।

नौकरी के नाम पर फंसाने का आरोप

भारतीय नागरिकों के रूसी सेना में पहुंचने के मामले में पहले भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि कुछ लोगों को रूस में अच्छी नौकरी का वादा करके बुलाया गया। बाद में उन्हें रूसी सैन्य ढांचे में शामिल कर दिया गया या युद्ध से जुड़े कामों में भेज दिया गया।

कुछ रिपोर्टों में सुरक्षा, ड्राइविंग, निर्माण और लॉजिस्टिक्स जैसे कामों के नाम पर लोगों को रूस ले जाने के आरोप सामने आए हैं। भारत सरकार भी जोखिम वाले विदेशी नौकरी ऑफर से सावधान रहने की अपील कर चुकी है।

जेलेंस्की ने देशों से कहा

जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र में 47 देशों के प्रतिनिधियों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने नागरिकों को रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल होने से रोकें। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को कई देशों के नागरिकों के युद्धबंदी बनाए जाने की जानकारी मिलती रही है और विदेशी नागरिकों के युद्ध में मारे जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

हालांकि, 47 देशों में से प्रत्येक देश के कितने नागरिक रूसी सेना में शामिल हैं, इसका देशवार आंकड़ा जेलेंस्की ने अपने भाषण में नहीं दिया। भारत के मामले में 227 भर्ती और 51 मौतों का आंकड़ा भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से दिया गया है।

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