Bank Employee viral video ‘जय श्री राम, मैं ठाकुर हूं मुझे गर्व है’ अब आई सफाई, बताया ग्राहक नहीं बल्कि किससे हुआ था विवाद

कानपुर की बैंक कर्मचारी आस्था सिंह का जाति से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने सफाई दी है। उनका कहना है कि विवाद ग्राहक से नहीं बल्कि सहकर्मी के पति से हुआ था और वीडियो को गलत तरह पेश किया गया।

Kanpur Bank Employee Controversy: कानपुर के पनकी इलाके में स्थित एक बैंक शाखा की कर्मचारी आस्था सिंह इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। कुछ दिन पहले उनका एक वीडियो तेजी से फैल गया था, जिसमें वह गुस्से में “मैं ठाकुर हूं” जैसे शब्द बोलती हुई दिखाई दे रही थीं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

अब इस पूरे मामले पर आस्था सिंह ने खुद सामने आकर अपनी सफाई दी है। उन्होंने एक नया वीडियो जारी कर कहा कि वायरल वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया है और सच्चाई कुछ और है।

आस्था सिंह ने दी अपनी सफाई

नए वीडियो में आस्था सिंह ने कहा कि पिछले 24 से 36 घंटों से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें अब तक सिर्फ एक पक्ष की बात सामने आई है, इसलिए वह अपना पक्ष रखना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि यह

वीडियो 6 जनवरी का है और हाल का नहीं है।

उनके अनुसार, यह विवाद किसी ग्राहक से नहीं हुआ था, बल्कि बैंक में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी के पति से हुआ था। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी ग्राहक के साथ बदतमीजी नहीं की है और पूरे मामले को जातिवाद से जोड़कर गलत तरीके से फैलाया गया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद

आस्था के मुताबिक, बैंक में काम करने वाली एक महिला ने नौकरी से इस्तीफा दिया था और उसी दिन रिलीविंग चाहती थीं। उस महिला की ननद सुबह से ही बैंक में बैठी थीं, जिस दौरान आस्था से उनकी बहस हो गई। बाद में उस महिला के पति बैंक पहुंचे और आस्था से बहस करने लगे।

आस्था ने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जाति को लेकर सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि गुस्से में उन्होंने जवाब दिया कि वह ठाकुर हैं और उन्हें इस पर गर्व है। हालांकि उन्होंने माना कि उनके शब्द सही तरीके से नहीं बोले गए थे, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया।

पुराने वीडियो में क्या दिखा था

पहले वायरल वीडियो में आस्था सिंह को बैंक के अंदर एक महिला से बहस करते हुए देखा गया था। वीडियो में वह गुस्से में कागज फेंकते और ऊंची आवाज में बात करते नजर आई थीं। इस वीडियो को देखकर कई लोगों ने इसे ग्राहक के साथ अभद्रता और जातिवाद से जोड़ दिया था।

अब आस्था सिंह का कहना है कि यह वीडियो अधूरा है और पूरी सच्चाई सामने नहीं आई है। उन्होंने साफ कहा कि मामला ग्राहक से नहीं था और इसे गलत तरीके से वायरल किया गया।

मामले पर बनी हुई है चर्चा

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग अलग-अलग राय दे रहे हैं। वहीं बैंक की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। पूरे मामले की सच्चाई सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।

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