Kanpur Businessman Murder Case: कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस की जांच परिवार के अंदर चल रहे तनाव, पैसों की परेशानी और कारोबारी विवाद तक पहुंची है। पुलिस ने उनके बेटे सुब्रत मिनोचा को गिरफ्तार किया है। जांच के मुताबिक, हत्या की साजिश में सुब्रत की भूमिका सामने आई है।
परिवार में बढ़ता तनाव
विनीत मिनोचा बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स नाम से दवा का कारोबार चलाते थे। कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब 50 से 60 करोड़ रुपए बताया गया है। उनके यहां करीब 23 कर्मचारी काम करते थे। परिवार के मुताबिक, विनीत और उनकी पत्नी पुनीता के रिश्ते लंबे समय से ठीक नहीं थे। पुनीता करीब सात साल से अपनी बेटी के साथ अलग रह रही थीं।
पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने पिता की निजी जिंदगी को लेकर नाराजगी की बात कही है। उसके मुताबिक, पिता के व्यवहार से मां परेशान थीं और इसी वजह से परिवार में तनाव बढ़ा। हालांकि, ये आरोप सुब्रत के बयान पर आधारित हैं और मामले की जांच जारी है।
बेटे पर गंभीर आरोप
पुलिस के मुताबिक, सुब्रत को पिता से कई बातों को लेकर नाराजगी थी। उसे यह भी शक था कि पिता उसकी पत्नी के साथ गलत व्यवहार करते हैं। हालांकि, उसकी पत्नी शालू ने पुलिस को बताया कि एक घटना में हाथ गलती से टच हुआ था और विनीत ने उसके साथ कोई गलत हरकत नहीं की थी।
जांच में सुब्रत के कर्ज में होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उस पर करीब 40 लाख रुपए का कर्ज था। सुब्रत ने पूछताछ में दावा किया कि पिता उसे हर महीने 40 हजार रुपए देते थे, जबकि उसके खर्च और कर्ज की किस्तें ज्यादा थीं। उसने दुकान से चोरी करने की बात भी पुलिस के सामने स्वीकार की है।
हत्या की साजिश कैसे बनी
पुलिस के अनुसार, सुब्रत की नजदीकी दुकान के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम से थी। विशाल पहले विनीत की दुकान पर काम करता था, लेकिन चोरी के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था। जांच के मुताबिक, बाद में सुब्रत और विशाल के बीच संपर्क बना रहा।
पुलिस का आरोप है कि सुब्रत ने विशाल के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बनाई। पहले हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश हुई, लेकिन योजना सफल नहीं हुई। इसके बाद विशाल ने अपने साथी राजकिशोर के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, विनीत की हत्या 5 सितंबर की रात हुई थी और इसके लिए छह लाख रुपए की सुपारी तय हुई थी।
कारोबार पर संकट
विनीत ने करीब चार दशक में अपने परिवार के दवा कारोबार को बड़े स्तर तक पहुंचाया था। उनके पिता ने 1968 में फार्मा ट्रेडर्स शुरू किया था और विनीत ने 1982 में कारोबार संभाला था। बाद में इसका कारोबार 50 करोड़ रुपए से अधिक के स्तर तक पहुंच गया।
अब सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद कारोबार की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। पत्नी शालू भी मामले में पुलिस जांच के दायरे में हैं। परिवार में रिश्तों को लेकर पहले से तनाव है, इसलिए आगे कारोबार कौन संभालेगा, यह अभी साफ नहीं है।
बच्चे पर सबसे बड़ा असर
विनीत की हत्या और परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद उनका पांच साल का पोता ननिहाल में रह रहा है। परिवार के मुताबिक, बच्चा मां और पिता से बात करने के लिए परेशान रहता है। वहीं पुलिस अभी यह भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में किस-किस की भूमिका थी और कारोबार से जुड़े विवाद का इसमें कितना असर रहा।

