Accident Mystery Solved: कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में करीब एक साल पहले हुई 32 वर्षीय सीमा देवी की मौत का मामला अब सड़क हादसा नहीं, बल्कि हत्या निकला है। पुलिस की लंबी जांच में सामने आया कि सीमा की जान किसी अज्ञात डीसीएम की टक्कर से नहीं गई थी। पुलिस के अनुसार, उसके सगे भाई श्यामजी पाल ने जमीन विवाद में उसकी हत्या की थी। आरोप है कि श्यामजी ने सीमा के सिर पर ईंट और डंडे से हमला किया और फिर वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए डीसीएम की टक्कर की कहानी गढ़ दी।
जमीन बनी विवाद की वजह
पुलिस के मुताबिक, सीमा सचेंडी इलाके में अपनी मां और भाई श्यामजी के साथ रहती थी। पिता कृष्ण पाल की मौत के बाद परिवार की करीब चार बीघा जमीन का बंटवारा चार हिस्सों में हुआ था। बाद में सीमा की मां ने अपने हिस्से की करीब एक बीघा जमीन गिफ्ट डीड के जरिए बेटी के नाम कर दी। यही जमीन भाई-बहन के बीच विवाद की वजह बन गई। पुलिस का कहना है कि श्यामजी चाहता था कि सीमा यह जमीन उसके नाम कर दे, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं थी। इसी दौरान सीमा की शादी शिवली क्षेत्र के एक युवक से तय हो गई, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
शिकायत करने निकली थी
जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन सुबह भी सीमा और श्यामजी के बीच जमीन को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद सीमा नाराज होकर पुलिस में शिकायत करने के लिए स्कूटी से घर से निकली। पुलिस के अनुसार, घर से करीब एक किलोमीटर दूर श्यामजी ने उसे रोक लिया। दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई और आरोप है कि विवाद बढ़ने पर श्यामजी ने ईंट और डंडे से सीमा के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के बाद सीमा सड़क पर गिर गई। इसके बाद आरोपी वहां से चला गया।
डीसीएम की झूठी कहानी
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद हत्या को छिपाने के लिए श्यामजी ने सड़क हादसे की कहानी बनाई। उसने डायल 112 पर फोन करके बताया कि किसी अज्ञात डीसीएम ने सीमा की स्कूटी को टक्कर मार दी है। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात डीसीएम चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कहानी में कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे संदेह पैदा हुआ। CCTV फुटेज की जांच के साथ कथित डीसीएम की तलाश शुरू की गई।
सीसीटीवी ने खोली पोल
पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और संबंधित डीसीएम चालक से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि घटना के समय वह डीसीएम फतेहपुर में था। इससे पुलिस का शक और गहरा गया। इसके बाद सीमा के मोबाइल की CDR, लोकेशन और घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों की जांच की गई। पुलिस ने सीमा के मंगेतर से भी पूछताछ की। उसने बताया कि मौत से एक दिन पहले सीमा ने WhatsApp पर मैसेज भेजकर अपने भाई से जान का खतरा बताया था। यह संदेश जांच में अहम कड़ी बन गया।
पूछताछ में भाई गिरफ्तार
पुलिस ने WhatsApp संदेश, CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन, CDR और ग्रामीणों के बयानों को जोड़कर मामले की जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार, श्यामजी से कई बार पूछताछ की गई और वह लगातार गुमराह करता रहा। सोमवार को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोबारा पूछताछ करने पर वह टूट गया। पुलिस का दावा है कि उसने बहन की हत्या की बात स्वीकार की। DCP एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, अगस्त 2025 में दर्ज सड़क दुर्घटना के मामले की विवेचना में हत्या और संपत्ति विवाद से जुड़ी सच्चाई सामने आई। आरोपी श्यामजी पाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
