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North Korea के तानाशाह Kim Jong का एक और सरफिरा फरमान, 30 लोगों को उतारा मौत के घाट!

नई दिल्ली: हर देश में फांसी की सजा बहुत गंभीर अपराधों के बाद ही दी जाती है और कई देशों में तो इसका कोई प्रावधान भी ही नहीं है। इसी बीच फांसी की सजा को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जान आप चौंक सकते हैं! दरअसल, उत्तर कोरिया (Kim Jong) ने अपने अधिकारियों के खिलाफ एक ऐसा मामला दर्ज किया है जिसमें उन्हें फांसी की सजा दी जाएगी।

इसकी वजह भी ऐसी है, जिसे जानने के बाद कहीं न कहीं आप भी थोड़ा सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। हाल ही में उत्तर कोरिया (Kim Jong) में एक विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिसमें 4,000 लोगों की जान चली गई। घर तबाह हो गए और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ। इस आपदा के बाद देश के नेता किंग किम जोंग-उन ने 30 अधिकारियों को न तो जेल की सजा दी और न ही उन पर जुर्माना लगाया, बल्कि उन्हें बाढ़ को रोकने में असफल रहने के अपराध में सीधे फांसी पर लटका दिया।

बता दें, कि उत्तर कोरिया (Kim Jong) में जुलाई के महीने में बाढ़ ने काफी कहर बरपाया था। बाढ़ से चागांग प्रांत काफी ज्यादा नुकसान हुआ था। इस आपदा में 4,000 लोगों की मौत हो गई थी। घर तबाह हो गए थे और कई लोग अपने घरों को छोड़ने और अन्य क्षेत्रों में जाने के लिए मजबूर हुए थे। इस आपदा को लेकर दक्षिण कोरियाई मीडिया ने बताया कि उत्तर कोरियाई (Kim Jong) अधिकारियों को, जो बाढ़ को रोकने के लिए ज्यादा काम कर सकते थे, लेकिन नहीं कर सके। अब उन्हें भी सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।

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उत्तर कोरियाई (Kim Jong) केंद्रीय समाचार एजेंसी (KCNA) की रिपोर्ट के मुताबिक, किंग किम जोंग-उन ने उन अधिकारियों को कड़ी सजा देने का आदेश दिया है, जो जुलाई में आई बाढ़ को रोकने में विफल रहे थे। उत्तर कोरियाई मीडिया के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में 4,000 से अधिक घर बह गए थे। वहीं 7,410 एकड़ भूमि बर्बाद हो गई थी और रेलवे और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई थीं।

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