Bihar Lok Sabha Election : पप्पू यादव ने बदली नामांकन की तारीख, पूर्णिया को लेकर अब ये कहा…

पार्टी पूर्णिया सहित राज्य की 26 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा। वहीं कांग्रेस 9 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, उसके बाद सीपीआई (ML) 3 सीटों पर और सीपीआई और सीपीआई (M) 1-1 सीट पर चुनाव लड़ेगी।

पटना। बिहार में महागठबंधन में सीटों का बंटवारा हो गया हैं। विपक्षी गठबंधन में हुए समझौते के हिसाब से राज्य की 40 सीटों पर RJD सबसे बड़ी घटक दल के रूप में उतरेगी। पार्टी पूर्णिया सहित राज्य की 26 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा। वहीं कांग्रेस 9 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, उसके बाद सीपीआई (ML) 3 सीटों पर और सीपीआई और सीपीआई (M) 1-1 सीट पर चुनाव लड़ेगी। सीटों पर हुए इस बंटवारे के बाद पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ ​​​​पप्पू यादव, जिन्होंने हाल ही में अपनी जन अधिकार पार्टी (JP) का कांग्रेस में विलय कर दिया है, उनकी सीट फंस गई हैं। गठबंधन में यह सीट आरजेडी को मिली है जबकि पप्पू यादव कांग्रेस में हैं।

पूर्णिया सीट से लड़ना चाहते हैं पप्पू यादव 

जनधिकार पार्टी के संयोजक और सांसद पूर्णिया निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अड़े हुए हैं, यह सीट उन्हें दी गई है। गठबंधन में हुए समझौते के अनुसार राजद इस सीट से बीमा भारती को अपना उम्मीदवार बनाया हैं। लेकिन पप्पू यादव ने इस सीट से लड़ने की घोषणा की हैं। इसके लिए वो पहले 2 अप्रैल को अपना नामांकन करने वाले थे, लेकिन अब वो 4 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर घोषणा की। इससे पहले पप्पू यादव ने राजद सुप्रीमो लालू यादव से पूर्णिया के संबंध में अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और इसे कांग्रेस को देने का आग्रह किया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा बिहार में इंडिया गठबंधन के बड़े भाई राजद प्रमुख लालू यादव से फिर अनुरोध है कि गठबंधन के हित में पूर्णिया सीट पर पुनर्विचार करें और इसे कांग्रेस के लिए छोड़ दें।

लालू से सीट को लेकर गुजारिश 

आज मीडिया ऐजंसी से बात करते हुए कहा, मैं उन्हें (लालू यादव) बस यह बताना चाहता हूं कि मैं आपके परिवार का सदस्य हूं। जब भी लालू का परिवार संकट में रहा है, मैं वहां रहा हूं। मधेपुरा, सुपौल, या गठबंधन की राजनीति मेरे लिए व्यक्तिगत नहीं है। पूर्णिया के लोग किसी के गुलाम नहीं हैं। वे पटना और दिल्ली की राजनीति से बहुत दूर हैं, और वे अपने बेटे से प्यार करते हैं, न कि दिल्ली और पटना में रहने वालों से।

 

इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सीमांचल-कोसी जीतकर हम कांग्रेस की सरकार बनाएंगे. पूर्णिया में कांग्रेस का झंडा लहराएगा और हम राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाएंगे।

राजनैतिक करियर 

गौरतलब है की पप्पू यादव राजनीति में पिछले तीन दशकों से अधिक समय से सक्रिय है। इस दौरान वो पांच बार 1991, 1996 और 1999 में पूर्णिया और 2004 और 2014 में मधेपुरा से लोकसभा के लिए चुने गए। मई 2015 में राजद द्वारा कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निष्कासित किए जाने के बाद उन्होंने अपनी जन अधिकार पार्टी बनाई थी जिसका अब कांग्रेस में विलय हो गया है।

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