
मायके वालों ने लगाए गंभीर आरोप
दीप्ति के भाई और मायके पक्ष ने कहा है कि वह लंबे समय से मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना कर रही थीं। उनका कहना है कि पति और सास के साथ रिश्ते अच्छे नहीं थे और कई बार विवाद की स्थिति बनती थी। परिजनों ने दावा किया कि कुछ समय पहले वे उन्हें मायके ले आए थे, लेकिन बाद में वह फिर ससुराल चली गईं। दूसरी ओर, पति और सास की तरफ से कहा गया है कि दीप्ति की मौत बेहद दुखद है, लेकिन उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप गलत हैं। उनका कहना है कि सुसाइड नोट में किसी का नाम नहीं है, इसलिए परिवार पर आरोप लगाना ठीक नहीं है।
जांच में यह बात भी सामने आई कि दीप्ति और उनके पति कुछ समय से अलग-अलग रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच रिश्तों में दूरी और मनमुटाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसका ज़िक्र डायरी में भी मिलने की संभावना बताई जा रही है।
अभी तक कोई FIR नहीं
पुलिस ने शव को पोस्ट-मॉर्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस आत्महत्या की दिशा में जांच कर रही है, लेकिन परिवार के आरोपों को भी गंभीरता से परख रही है।दीप्ति का परिवार देश के बड़े पान-मसाला कारोबारियों से जुड़ा होने के कारण यह घटना तुरंत मीडिया की सुर्खियों में आ गई। घटना ने एक बार फिर घरेलू तनाव, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक कलह जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा छेड़ दी है।