
स्थानीय लोगों ने धुआँ उठता देख तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को जानकारी दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। संकरी गलियों और भीड़ के कारण दमकल की गाड़ियों को स्थान तक पहुँचने में कठिनाई हुई, लेकिन टीमों ने काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पा लिया। बचाव दल ने घर के अंदर फँसे कई लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से कुछ बेहोशी और गंभीर झुलसाव की हालत में थे।
दुकान में रखे सामान (जूते, मैटीरियल आदि) संभवत जल्दी ज्वलनशील होने की वजह से आग ने तीव्र गति पकड़ी और देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। पुलिस कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना शाम 6:24 बजे प्राप्त हुई। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग को करीब 7:55 PM तक पूरी तरह काबू कर लिया।
कुल 4 लोग मारे गए जिनमें से दो की पहचान- मकान के मालिक 38 वर्षीय Satender (उर्फ “Jimmy”) और उनकी बहन Anita (38–40 वर्ष)। दो अन्य मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है बताया गया है कि वे आग व धुएँ की वजह से इतनी बुरी तरह झुलस गए थे कि उनको पहचानना मुश्किल है। बचाई गई एक महिला, Mamta (लगभग 40 वर्ष), को अस्पताल ले जाया गया — उन्हें लगभग 25 % तक जलने की चोटों की सूचना है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीमों ने घटना स्थल पर फोरेंसिक व क्राइम ब्रांच को बुलाया ताकि आग लगाने की सटीक वजह एवं फैलाव का कारण पता चल सके। प्रारंभिक संदेह यह है कि आग दुकान से शुरू हुई , दुकान में रखे सामान (जूते, कागज़, आदि) की चपेट में आग ने तेजी से बढ़त ली। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं कि यह बस हादसा था या लापरवाही/नियमों की अनदेखी का नतीजा।