पानी पर लजीज व्यंजन का मजा, गोरखपुर में खुला उत्तर प्रदेश का पहला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट

रामगढ़ झील, एक समय उपेक्षित, अब पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल बन गई है। वाटर स्पोर्ट्स, क्रूज सेवाएं और फ्लोटिंग रेस्तरां 'फ्लोट' इसे एक नई पहचान दे रहे हैं।

Floating restaurant: उत्तर प्रदेश की रामगढ़ झील, जो कभी उपेक्षा और कचरे के ढेर के लिए जानी जाती थी, अब एक शानदार पर्यटन स्थल के रूप में उभर कर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और प्रयासों से इस झील को नया जीवन मिला है। वाटर स्पोर्ट्स, क्रूज सेवाओं और राज्य के पहले फ्लोटिंग रेस्तरां जैसी आकर्षक सुविधाओं के साथ, रामगढ़ झील अब पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख पर्यटन आकर्षण बन रही है।

उपेक्षा से पर्यटन स्थल तक का सफर

रामगढ़ झील, जो कभी उपेक्षित और कचरे का ढेर मानी जाती थी, अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच की बदौलत पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुकी है। इस झील में अब Floating restaurant, वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, क्रूज सेवाएं और वॉटर बाइकिंग जैसी आकर्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो पर्यटकों के लिए इसे एक अनोखा गंतव्य बना रही हैं।

Floating restaurant

 पर्यटन को नया आयाम

गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामगढ़ झील में राज्य के पहले Floating restaurant ‘फ्लोट’ का उद्घाटन किया। यह Floating restaurant  झील की प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा रहा है और इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। उद्घाटन मुख्यमंत्री के तीन दिवसीय दौरे का हिस्सा था, जिसमें उन्होंने महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवैद्य नाथ की पुण्यतिथि के कार्यक्रमों में भी शिरकत की।

अत्याधुनिक फ्लोटिंग रेस्तरां

‘फ्लोट’, जो 9,600 वर्ग फुट में फैला है, तीन मंजिला है और इसकी लागत ₹10 करोड़ से अधिक है। इस रेस्तरां में 150 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है और इसमें लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पहली मंजिल पर शाकाहारी भोजन की सुविधा दी गई है, जबकि दूसरी मंजिल पर सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

पर्यटन और विकास के लिए जीडीए का योगदान

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक निजी कंपनी के साथ 15 साल का समझौता किया है, जिसके तहत कंपनी जीडीए को प्रति माह ₹4.50 लाख किराया देगी। जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने न सिर्फ रेस्तरां का उद्घाटन किया, बल्कि ग्रीन वुड अपार्टमेंट योजना के लाभार्थियों को आवंटन प्रमाण पत्र भी सौंपे।

विकास की पुरानी योजना का साकार होना

1985 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने रामगढ़ झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। 1,700 एकड़ में फैली इस झील का एक समय शहर के कचरे के डंपिंग ग्राउंड के रूप में उपयोग किया जाता था, लेकिन अब यह झील एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित हो चुकी है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश का मुख्य आकर्षण बन रही है।

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