हिमाचल के मंडी जिला में बादल फटने से भारी तबाही, एक की मौत, कई लापता

Himanchal Pradesh

Himanchal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बादल फटने की घटना से भारी तबाही सामने आई है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और शव बरामद किया गया है। अचानक आई बाढ़ में 8 से 11 लोग बह गए हैं, और तीन घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम रवाना

मंडी प्रशासन ने भारतीय वायुसेना से मदद मांगी है और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) तथा एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमों को मौके पर रवाना कर दिया गया है। मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के धम्चयाण पंचायत के राजवन गांव में आधी रात को बादल फटने से भारी तबाही हुई है।

संपर्क व्यवस्था बाधित

दुर्गम क्षेत्र होने के कारण प्रशासन का पंचायत प्रतिनिधियों और टिक्कन उपतहसील के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। मोबाइल सेवा भी ठप हो गई है और संपर्क मार्ग पूरी तरह से कट गए हैं।

प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय

उपायुक्त मंडी, अपूर्व देवगन, राहत एवं बचाव दल के साथ धम्चयाण के लिए रवाना हो गए हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य के लिए वायुसेना की मदद मांगी है। बुधवार रात करीब 12 बजे राजवन गांव में बादलों की गड़गड़ाहट के बीच जोर का धमाका हुआ, जिससे चारों ओर पानी ही पानी हो गया और कई घर बह गए।

 

शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित

बादल फटने की घटना, मौसम विभाग की चेतावनी और संपर्क मार्गों के बंद होने के कारण जिला प्रशासन ने पद्धर उपमंडल के शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग भी भूस्खलन के कारण कई जगहों पर बाधित हो गया है।

 

लारजी और पंडोह बांध के गेट खोले गए

भारी वर्षा के कारण राज्य विद्युत परिषद ने 126 मेगावाट क्षमता के लारजी बांध और बीबीएमबी ने पंडोह बांध के गेट खोल दिए हैं। ब्यास नदी के कैचमेंट क्षेत्र में भारी वर्षा को देखते हुए भुंतर में ब्यास का स्तर 30580 क्यूसेक दर्ज किया गया है और पंडोह बांध में पानी की आवक 43328 क्यूसेक तक पहुंच गई है।

दिल्ली एनसीआर में भारी बरिश से मौसम हुआ खुशनुमा, कई इलाकों में जलभराव से लोग हुए परेशान

राहत एवं बचाव अभियान

डॉ. मदन कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी ने जानकारी दी कि द्रंग हलके की धम्चयाण में आधी रात को बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं और एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमों को रवाना कर दिया गया है। रेस्क्यू अभियान में वायुसेना की मदद मांगी गई है। पद्धर उपमंडल के स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।

यह त्रासदी क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है, और प्रशासन तेजी से राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

Exit mobile version