संसद का Winter Session: IBC, इंश्योरेंस और सिक्योरिटीज मार्केट सहित 14 अहम बिलों पर रहेगा फोकस

संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है, जिसमें मोदी सरकार 14 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी। IBC, इंश्योरेंस, सिक्योरिटीज मार्केट और हायर एजुकेशन से जुड़े ये बिल अर्थव्यवस्था और सुरक्षा में बड़े सुधार लाएंगे, जिस पर सरकार का मुख्य फोकस रहेगा।

Winter Session

Winter Session Parliament: केंद्र सरकार ने संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के लिए अपने विधायी एजेंडे को अंतिम रूप दे दिया है, जिसमें अर्थव्यवस्था से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले 14 प्रमुख विधेयक शामिल हैं। यह सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें होंगी। सरकार का मुख्य ध्यान इन सुधारों को पारित कराने पर होगा।

इन महत्वपूर्ण बिलों में इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक (IBC), इंश्योरेंस लॉज (संशोधन) बिल, और सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (SMC) शामिल हैं, जो वित्तीय और कॉर्पोरेट जगत में बड़े बदलाव ला सकते हैं। इसके अलावा, नेशनल हाइवेज (संशोधन) विधेयक, हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया बिल, और एटॉमिक एनर्जी बिल जैसे विधेयक भी पेश किए जाएंगे। वित्तीय कामकाज के तहत पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा और अनुमोदन भी होगा। सत्र से पहले, विधायी एजेंडा पर चर्चा के लिए केंद्र ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। विपक्ष चुनावी रोल संशोधन और विदेशी नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार का प्राथमिक एजेंडा विधायी व्यवसाय रहेगा।

सत्र का विधायी एजेंडा: 14 महत्वपूर्ण बिल

सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में पेश किए जाने वाले 14 विधेयकों की सूची तैयार की है। ये बिल विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सुधारों का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

क्रम संख्या

विधेयक का नाम

प्रमुख क्षेत्र

1.

जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025

व्यापार करने में सुगमता (Ease of Doing Business)

2.

इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक, 2025 (IBC)

कॉर्पोरेट दिवालियापन और ऋण समाधान

3.

मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025

कराधान (GST से संबंधित अध्यादेश को बदलने के लिए)

4.

रीपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल, 2025

पुराने/अप्रचलित कानूनों को निरस्त करना

5.

नेशनल हाइवेज (संशोधन) विधेयक, 2025

सड़क परिवहन और राजमार्ग

6.

एटॉमिक एनर्जी बिल, 2025

परमाणु ऊर्जा और विनियमन

7.

कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2025

कॉर्पोरेट शासन और नियमन

8.

सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (SMC), 2025

पूंजी बाजार और प्रतिभूति लेनदेन

9.

इंश्योरेंस लॉज (संशोधन) बिल, 2025

बीमा क्षेत्र का विनियमन

10.

आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन (संशोधन) बिल, 2025

विवाद समाधान और मध्यस्थता

11.

हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया बिल, 2025

उच्च शिक्षा का विनियमन

12.

सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025

अप्रत्यक्ष कराधान

13.

हेल्थ सिक्योरिटी सेस/नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025

राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वास्थ्य वित्तपोषण

14.

वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम पूरक अनुदान मांगें

वित्तीय कामकाज

वित्तीय कामकाज के तहत, सरकार वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम पूरक अनुदान मांगों को भी प्रस्तुत करेगी, जिन पर चर्चा और मतदान के बाद संबंधित विनियोजन विधेयक पेश और पारित किया जाएगा।

सर्वदलीय बैठक में चर्चा

Winter Session शुरू होने से पहले, केंद्र सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई, जहां सत्र के एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

विपक्ष की ओर से कांग्रेस के जयराम रमेश और प्रमोद तिवारी, DMK के टीआर बालू, TMC के डेरेक ओ’ब्रायन, और RJD के मनोज झा जैसे प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। विपक्ष ने चुनावी रोल संशोधन (SIR), दिल्ली ब्लास्ट, और विदेशी नीति जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाने की योजना बनाई है।

इसके अलावा, संसद के दोनों सदनों की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक भी सत्र के विधायी कार्यों को अंतिम रूप देने के लिए कल शाम 4 बजे प्रस्तावित है।

संक्षिप्त सत्र पर विपक्ष की आपत्ति

यह Winter Session 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा और इसमें 15 बैठकें होंगी। विपक्ष ने इस सत्र को ‘संक्षिप्त’ करार दिया है और कई जरूरी और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए अधिक बैठकों की मांग की है। आम तौर पर, संसद के सत्रों में लगभग 20 बैठकें होती हैं।

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