
टूटे खम्भों और फँसी केबलों के कारण सड़क ब्लॉक हो गई। ट्रक किनारे खड़ा हुआ, लेकिन सामान व धान की भूसी के कारण दोबारा खिसलाने में दिक्कत आई। इस वजह से दिल्ली-रोड पर दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। बिजली विभाग की मरम्मत टीम को बुलाया गया, लेकिन मरम्मत के दौरान बिजली सप्लाई बाधित हो गई, इससे आसपास के इलाकों में असुविधा भी हुई।
जाम की भीषण स्थिति
मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक चालक को साइड सड़क पर खड़ा कराया और ट्रैफिक सुचारु करने की कोशिश की। विभागीय टीमों ने टूटे पोल और केबलों की मरम्मत शुरू की, बिजली सप्लाई दोबारा चालू कराई गई, ताकि आस-पास के लोग परेशानी से बच सकें। जाम के कारण कई लोग, ख़ासकर साइकिल या पैदल लोग फंस गए। बुजुर्ग, महिलाएँ और स्कूली बच्चे भी परेशान हुए। कई वाहन चालकों को पीछे करके जाम से निकलना पड़ा; कुछ ने अनाधिकृत रास्तों से निकलने की कोशिश की जिससे सड़क हादसे का खतरा बढ़ गया।
बड़ी वजह- ट्रक की ऊँचाई और धान की भूसी लादने के बाद केबलों के निचले हिस्से को ध्यान न देना — जिससे फंसाव हुआ। दूसरी वजह: सड़क किनारे लगे खंभों-तारों की ऊँचाई और सुरक्षा मानकों पर उचित व्यवस्था न होना; ट्रक और भारी वाहनों के लिए पर्याप्त “ऊँचाई चेतावनी” संकेत न देना।