News1India

Mpox को WHO ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया, पीओके में मामले सामने आने के बाद…

नई दिल्ली: दुनिया के कई देशों में एमपॉक्स (Mpox) वायरस का तेजी से फैल रहा है। पाकिस्तान के बाद, पाकिस्तान के ही कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में भी इस वायरस का पहला मामला सामने आया है, इस मामले के सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या अब बढ़कर 4 हो गई है। बता दें, कि POK के 47 वर्षीय व्यक्ति में यह वायरस पाया गया है, जो हाल ही में सऊदी अरब के जेद्दा से पाकिस्तान लौटा था। Mpox के लक्षण दिखने के बाद शख्स को इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) में भर्ती किया गया था।

अस्पताल के डॉक्टर नसीम अख्तर ने बताया कि मरीज में मंकीपॉक्स के लक्षण पाए गए थे और ऐसे मरीजों को विशेष वार्ड में रखा जाता है। इससे पहले, पाकिस्तान में मंकीपॉक्स के 3 मामले खैबर पख्तूनख्वाह क्षेत्र से सामने आए थे।

WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) ने Mpox को लेकर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की है। इसे ग्रेड 3 इमरजेंसी के रूप में वर्गीकृत किया है, जो इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत को दर्शाता है। इस वायरस के मामले पहले अफ्रीका में देखे जाते थे, लेकिन अब यह वायरस अन्य महाद्वीपों में भी फैल रहा है। Mpox एक वायरल बीमारी है जो मंकीपॉक्स वायरस के कारण होती है, जो ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस की एक प्रजाति है। इसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था। वैज्ञानिकों ने पहली बार इस वायरस की पहचान साल 1958 में की थी जब बंदरों में पॉक्स जैसी बीमारी का प्रकोप हुआ था।

आपको बता दें, यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने से फैलता है। Mpox एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमित त्वचा के घावों, मुंह की म्यूकस मेम्ब्रेन या जननांगों के सीधे संपर्क से फैल सकता है। मध्य और पश्चिमी अफ्रीका में ज्यादातर मामले उन लोगों में देखे गए हैं जो संक्रमित जानवरों के संपर्क में रहते थे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संक्रमण दूषित कपड़े, लिनेन, टैटू शॉप्स, पार्लर या दूसरी पब्लिक जगहों पर इस्तेमाल होने वाली कॉमन चीजों से भी फैल सकता है। इसके अलावा जानवरों से मनुष्यों में यह वायरस काटने, खरोंचने, मांस खाने या अन्य गतिविधियों के माध्यम से भी फैल सकता है।

एमपॉक्स से संक्रमित व्यक्तियों के शरीर पर हाथ, पैर, छाती, चेहरे, मुंह या जननांगों के आसपास दाने हो सकते हैं, जो बाद में फुंसी बन जाते हैं। इसके दूसरे लक्षणों में बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, Mpox के लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 21 दिनों के अंदर दिखना शुरू होते हैं। वायरस के संपर्क में आने और लक्षण दिखने का समय 3 से 17 दिनों का होता है। इस दौरान, व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन इसके बाद वायरस का असर दिखने लगता है।

ये भी पढ़ें :- इस्लामाबाद समेत जम्मू-कश्मीर में भूकंप के तेज झटके

फिलहाल एमपॉक्स का कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इसके लक्षणों के लिए दर्द और बुखार की दवा देने की सलाह देता है। CDC का कहना है कि यदि मरीज की इम्यूनिटी अच्छी है और उसे त्वचा की कोई बीमारी नहीं है, तो वह बिना किसी विशेष उपचार के भी ठीक हो सकता है!

Exit mobile version