प्रदूषण से त्रस्त दिल्लीवासी चले पहाड़ों की ओर—हिमाचल और उत्तराखंड में बढ़ी रहने की मांग

हाल ही में यह देखा गया है कि दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण, गंदे AQI स्तर और सांस की बीमारियाँ जैसी चिंताओं के कारण कई परिवारों ने राजधानी छोड़कर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है। लोग साफ़ हवा, आरामदायक मौसम और प्राकृतिक वातावरण की तलाश में इन राज्यों को अपना नया ठिकाना बना रहे हैं  खासकर वे परिवार जिनमें बच्चों, बुजुर्गों या सांस से जुड़ी परेशानियाँ होती हैं।

प्रदूषण से त्रस्त दिल्लीवासी पहाड़ों की ओर—हिमाचल और उत्तराखंड में बढ़ी रहने की मांगAir Quality Life Index (AQLI) 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की हवा में PM2.5 प्रदूषण स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) मानकों से 20–22 गुना अधिक है — जिससे दिल्लीवासी स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को लेकर चिंतित हैं। सांस की बीमारियाँ, दिल-फेफड़ों से जुड़ी समस्या और बच्चों व बुजुर्गों पर असर — ये चिंताएँ लोगों को लगातार दिल्ली छोड़ने पर मजबूर कर रही हैं। इसके अलावा, पहाड़ों में ठंडी / ताजी हवा, कम धूप-धुंआ, हरियाली और शांत-स्वभाव वातावरण जैसे फायदे हैं, जो शहर की भाग-दौड़, धुंध और प्रदूषण से भरे माहौल से एकदम विपरीत है।

हाल ही में यह देखा गया है कि दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण, गंदे AQI स्तर और सांस की बीमारियाँ जैसी चिंताओं के कारण कई परिवारों ने राजधानी छोड़कर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है। लोग साफ़ हवा, आरामदायक मौसम और प्राकृतिक वातावरण की तलाश में इन राज्यों को अपना नया ठिकाना बना रहे हैं  खासकर वे परिवार जिनमें बच्चों, बुजुर्गों या सांस से जुड़ी परेशानियाँ होती हैं।

पहाड़ों में बढ़ी मांग

राजधानी से पलायन या पलायन-पुर्ब प्रवास की मांग बढ़ने से हिमाचल और उत्तराखंड में घर, होम-स्टे और हिल स्टेशन-रियल एस्टेट की मांग तेजी से बढ़ी है। होटल, गेस्ट हाउस, होम-स्टे मालिकों और पर्यटन व्यवसाय को फायदा हो रहा है — खासकर उन इलाकों में जो पहले कम लोकप्रिय थे। कुछ रियल-एस्टेट नेटवर्क्स ने कहा है कि “स्वच्छ हवा + प्राकृतिक माहौल” को लेकर इस साल होम-स्टे की बुकिंग में करीब 35 % की बढ़ोतरी देखी गई है।

प्रदूषण से परेशान होकर लोग साफ हवा और शांत वातावरण की तलाश में पलायन कर रहे हैं। इन पहाड़ी राज्यों में प्रॉपर्टी और किराए के घरों की मांग बढ़ गई है।

चिकित्सक भी मरीजों को दिल्ली से बाहर रहने की सलाह दे रहे हैं। कई लोग कुछ दिन, कुछ लोग 15 दिन तक तो कुछ लोग पूरे सीजन दिल्ली से बाहर रहने चले गए हैं।

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