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एक यूटयूबर से सन ऑफ बिहार बनने वाले Manish Kashyap का अब तक का सफर!

नई दिल्ली: मनीष कश्यप (Manish Kashyap) एक ऐसा नाम जो पिछले दो सालों से लगातार चर्चा में रहा है। आखिर इस नाम में ऐसा क्या है जो बिहार की राजनीति से लेकर देश की लगभग हर मीडिया में इस नाम की ख़बर सुनने को मिल ही जाती है। चलिए आज इस नाम के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं, आखिर ऐसे क्या कारण रहे जो ये नाम इतना सुर्खियों में आया और साथ ही जानेंगे अब और पहले की तुलना में इस नाम को क्या-क्या मिला, तो चलिए वक्त जायर किए बिना आते हैं मुद्दे की बात पर।

मूल रूप से बिहार के बेतिया के रहने वाले मनीष कश्यप (Manish Kashyap) का असली नाम त्रिपुरारी तिवारी है। इनका जन्म 9 मार्च साल 1991 को पश्चिम चंपारण में हुआ था। पुणे से इंजीनियरिंग कम्पलीट करने के बाद मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी तिवारी ने कुछ समय तक नौकरी की। कुछ समय तक काम करते-करते अचानक मनीष के मन में बिहार के स्थानीय मुद्दों को देश के लोगों को दिखाने की एक चाह सी उमड़ पड़ी, बस इसी चाह के चलते बिहार का बेटा कहे जाने वाले मनीष कश्यप का उदय हुआ।

मनीष कश्यप बिहार के स्थानीय मुद्दों को सोशल मीडिया के जरिए देश की जनता के सामने रखने लगा। इसकी शुरूआत हुई एक यूटयूब चैनल से जिसका नाम था सच तक, जिसे अब सच टॉक्स कर दिया गया है। मनीष कश्यप (Manish Kashyap) के इस यूटयूब चैनल को आज 8.78 मिलियन लोग सब्सक्राइब कर चुके हैं। अब आपको बताते हैं आखिर कैसे मनीष कश्यप का नाम इतनी तेजी से पॉपुलर हो गया।

दरअसल, तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का कथित वीडियो मनीष कश्‍यप ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से शेयर किया था, जो काफी वायरल हुआ था। ये वीडियो बनाकर मनीष कानून के जाल में बुरी तरह फंस गए थे। वीडियो वायरल होने के बाद तमिलनाडु पुलिस ने इसे भ्रामक बताते उनके खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसके बाद लगभग 9 महीनों तक इस मामले में मनीष कश्यप को बिहार की जेल में रहना पड़ा था। कश्यप को बिहार की बेऊर जेल में रखा गया था। पहले मनीष कश्यप को तमिलनाडु ले जाया जाना था, लेकिन पटना सिविल कोर्ट के फैसले के बाद मनीष कश्यप को बिहार में ही रखा गया था।

खैर ये तो हुई बाते पुरानी, सन ऑफ बिहार के नाम से प्रचलित होने वाले मनीष कश्यप को अब बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज सभी मामलों से अब बरी कर दिया गया है। कश्यप को सबूतों के अभाव के चलते सभी मामलों से बरी किया गया है।

राजनीति में कदम रखने की शुरूआत बिहार के बेतिया के रहने वाले मनीष कश्यप ने साल 2020 में ही कर दी थी, जब उन्होंने बिहार की चनपटिया विधानसभा से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में मनीष कश्यप निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव में उतरे थे। अपने पहले ही चुनाव में कश्यप को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस हार के बाद भी वे बिहार की जनता के सामने अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे थे। चुनाव में 9239 वोट मिलने के बाद मनीष कश्यप को हार झेलनी पड़ी थी, और इस हार के साथ वो तीसरे स्थान पर रहे थे। सभी मामलों में बरी होने के बाद मनीष कश्यप अब बीजेपी का हाथ थामें नज़र आ रहे हैं। इस समय कश्यप बीजेपी के लिए चुनाव-प्रचार करने में लगे हुए हैं।

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वहीं बात अगर मनीष कश्यप की सालाना आय को लेकर करें तो, वह यूटयूब से हर महीना लगभग 10 लाख रुपये कमाते हैं। इंस्टाग्राम पर मनीष कश्यप के 771K फॉलोअर्स हैं। वहीं बात अगर मनीष कश्यप की फेसबुक आर्मी को लेकर करें तो, फेसबुक पर उन्हें 48 लाख लोग फॉलो करते हैं। मनीष कश्यप अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुके हैं। इस स्टोरी के जरिए हमने आपको बताया आखिर कैसे एक यूटयूब चैनल चलाने वाला साधारण सा लड़का आज देश में सन ऑफ बिहार के नाम से जाना जाता है।

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