Digital Gift: किसी को तोहफा देना हो तो अक्सर यह समझना मुश्किल हो जाता है कि सामने वाले को क्या पसंद आएगा। कपड़े, घड़ी, परफ्यूम या सजावट का सामान खरीदने के बाद भी पसंद न आने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में डिजिटल गिफ्ट कार्ड एक आसान और उपयोगी विकल्प बनकर उभर रहे हैं। इनके जरिए आप तय रकम का वाउचर भेज सकते हैं और पाने वाला अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी कर सकता है।
मिलेनियल और Gen-Z में बढ़ रहा चलन
डिजिटल गिफ्ट कार्ड का इस्तेमाल खासकर मिलेनियल और Gen-Z के बीच लोकप्रिय हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह सुविधा है। जन्मदिन, शादी, सालगिरह या त्योहार के मौके पर अब बाजार जाकर सामान खरीदने और उसकी पैकिंग कराने की जरूरत नहीं पड़ती। मोबाइल से कुछ ही मिनटों में ई-गिफ्ट कार्ड खरीदकर किसी को भी भेजा जा सकता है।
डिजिटल पेमेंट और प्रीपेड माध्यमों की बढ़ती स्वीकार्यता ने भी इस चलन को बढ़ावा दिया है। कई प्लेटफॉर्म पर फोटो, एनिमेशन और AI डिजाइन वाले पर्सनलाइज्ड गिफ्ट कार्ड के विकल्प भी मिलते हैं।
शॉपिंग से लेकर स्पा और होटल तक के वाउचर
डिजिटल गिफ्ट कार्ड अब सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग तक सीमित नहीं हैं। किसी को आराम और वेलनेस का अनुभव देना हो तो तत्वा स्पा, अर्बन कंपनी, कामा आयुर्वेदा और फॉरेस्ट एसेंशियल्स जैसे ब्रांड के वाउचर विकल्प हो सकते हैं।
वहीं, घूमने के शौकीन लोगों के लिए मेकमाईट्रिप और क्लियरट्रिप के गिफ्ट कार्ड उपयोगी हैं। खास अनुभव देने के लिए ताज, मैरियट और आईटीसी होटल्स के वाउचर भी दिए जा सकते हैं, जिनसे होटल में ठहरने या डाइनिंग का आनंद लिया जा सकता है।
हर शौक के लिए मौजूद हैं गिफ्ट कार्ड
गिफ्ट कार्ड चुनते समय सामने वाले की पसंद का ध्यान रखा जा सकता है। फिटनेस में दिलचस्पी रखने वालों के लिए हेल्दीफाईमी का सब्सक्रिप्शन, मनोरंजन पसंद करने वालों के लिए बुकमाईशो और कॉफी के शौकीनों के लिए स्टारबक्स या ब्लू टोकाई के वाउचर विकल्प हैं।
इसके अलावा अमेजन, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा और अजियो जैसे प्लेटफॉर्म के गिफ्ट कार्ड से कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदा जा सकता है।
कॉरपोरेट गिफ्टिंग में भी बढ़ रही हिस्सेदारी
डिजिटल गिफ्ट कार्ड का इस्तेमाल अब निजी आयोजनों के साथ कॉरपोरेट गिफ्टिंग में भी बढ़ रहा है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, एसोचैम की एक रिपोर्ट में बड़े कॉरपोरेट ऑर्डर में गिफ्ट कार्ड, ई-वाउचर और ऐप आधारित सब्सक्रिप्शन की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत तक बताई गई है।
डिजिटल गिफ्टिंग का बढ़ता चलन दिखाता है कि लोग अब ऐसे तोहफे पसंद कर रहे हैं, जो उपयोगी होने के साथ पाने वाले को अपनी पसंद चुनने की आजादी भी दें।

