Summer Health: जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं सामने आने लगी हैं। इन्हीं में से एक आम लेकिन डराने वाली समस्या है ‘एपिस्टैक्सिस’, जिसे सामान्य भाषा में ‘नकसीर फूटना’ या नाक से खून आना कहा जाता है। गर्मियों के मौसम में शुष्क हवा और अत्यधिक गर्मी के कारण नाक के अंदर की नाजुक परत सूख जाती है। डॉक्टरों के अनुसार, नाक के भीतर मौजूद रक्त कोशिकाएं (Blood Cells) इतनी पतली होती हैं कि नमी की कमी या हल्की सी रगड़ से भी फट सकती हैं, जिससे अचानक खून बहने लगता है। हालांकि, अधिकांश मामलों में यह स्थिति गंभीर नहीं होती और सही प्राथमिक उपचार से इसे घर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है।
क्यों फूटती है नकसीर?
नाक के अंदर की झिल्ली बहुत संवेदनशील होती है। गर्मी में लू और सूखी हवा के संपर्क में आने से यह परत अपनी नमी खो देती है। ऐसे में जोर से छींकने, नाक रगड़ने या उंगली डालने पर ब्लीडिंग शुरू हो सकती है। इसके अलावा, साइनस इन्फेक्शन, एलर्जी, हाई ब्लड प्रेशर या खून पतला करने वाली दवाइयों का सेवन भी इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं। कई बार शरीर में पानी की कमी (Dehydration) भी इस समस्या को बढ़ा देती है।
नाक से खून आने पर तुरंत क्या करें?
यदि अचानक नाक से खून आने लगे, तो घबराने के बजाय इन स्टेप्स को फॉलो करें:
* आगे झुकें: सीधे बैठ जाएं और सिर को थोड़ा आगे की ओर झुकाएं। याद रखें, सिर पीछे की ओर न झुकाएं, क्योंकि इससे खून गले में जा सकता है।
* पिंचिंग तकनीक: नाक के निचले नरम हिस्से को अंगूठे और उंगली से कसकर पकड़ें और 10-15 मिनट तक दबाकर रखें। इस दौरान मुंह से सांस लें।
* कोल्ड कंप्रेस: नाक के ऊपर और माथे पर बर्फ का टुकड़ा या ठंडी पट्टी रखें। इससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और खून जल्दी रुक जाता है।
बचाव के आसान घरेलू तरीके
बार-बार होने वाली नकसीर को रोकने के लिए नाक की नमी बरकरार रखना जरूरी है। रात को सोने से पहले नाक के अंदर हल्का नारियल तेल या पेट्रोलियम जेली लगाएं। भरपूर पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। कमरे में नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें या सादे पानी की भाप (Steam) लें।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यद्यपि नकसीर सामान्य घरेलू उपचार से ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना अनिवार्य है। यदि ब्लीडिंग 20 मिनट से ज्यादा समय तक न रुके, खून बहुत अधिक मात्रा में बह रहा हो, सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, या किसी चोट लगने के बाद खून आना शुरू हुआ हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।








