Water Fasting and Its Effects:आजकल वजन कम करने के लिए वॉटर फास्टिंग काफी चर्चा में है। सोशल मीडिया पर कई लोग दावा करते हैं कि सिर्फ पानी पीकर कुछ ही दिनों में तेजी से वजन घटाया जा सकता है। सुनने में यह तरीका आसान लगता है, क्योंकि इसमें न कोई खास डाइट प्लान होता है और न ही कैलोरी गिनने की झंझट। लेकिन असल में यह शरीर के लिए बड़ा बदलाव होता है, जो अंदर कई प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है।
वॉटर फास्टिंग क्या होता है
वॉटर फास्टिंग का मतलब है एक तय समय तक केवल पानी पीना और किसी भी तरह का खाना या दूसरा पेय न लेना। यह समय 24 घंटे से लेकर कई दिनों तक हो सकता है। कुछ लोग इसे शरीर को साफ करने और वजन घटाने का तरीका मानते हैं, लेकिन इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग होता है।
पहले 24 घंटे में क्या होता है
फास्टिंग शुरू होने के बाद शरीर सबसे पहले अपनी जमा की हुई ऊर्जा का इस्तेमाल करता है। यह ऊर्जा ग्लाइकोजन के रूप में लिवर और मांसपेशियों में जमा रहती है। जैसे-जैसे यह खत्म होती है, आपको भूख ज्यादा लगने लगती है। इसके साथ ही सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और कमजोरी महसूस हो सकती है।
2 से 3 दिन में शरीर का बदलाव
जब शरीर का ग्लाइकोजन खत्म हो जाता है, तब वह फैट को ऊर्जा में बदलना शुरू करता है। इस प्रक्रिया को कीटोसिस कहा जाता है। इस दौरान वजन तेजी से कम होता दिखता है, लेकिन इसमें ज्यादातर पानी और मांसपेशियों का नुकसान होता है। इस समय कई लोगों को चक्कर आना, थकान और मुंह से बदबू जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
3 दिन के बाद के प्रभाव
अगर फास्टिंग लंबे समय तक जारी रहती है, तो शरीर अपनी ऊर्जा बचाने लगता है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। शरीर प्रोटीन के लिए मांसपेशियों को तोड़ने लगता है, जिससे कमजोरी बढ़ जाती है। साथ ही लो ब्लड प्रेशर और ध्यान लगाने में परेशानी भी हो सकती है।
क्या सच में होता है डिटॉक्स
कई लोग मानते हैं कि वॉटर फास्टिंग से शरीर साफ हो जाता है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। हमारा शरीर पहले से ही लिवर और किडनी की मदद से खुद को साफ करता रहता है। अभी तक ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जो यह साबित करे कि वॉटर फास्टिंग इस प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।
इसके खतरे क्या हैं
बिना डॉक्टर की सलाह के वॉटर फास्टिंग करना जोखिम भरा हो सकता है। इससे शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ सकता है, डिहाइड्रेशन हो सकता है और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा हार्मोन में भी गड़बड़ी हो सकती है।
वजन घटता है, लेकिन स्थायी नहीं
वॉटर फास्टिंग से वजन जरूर कम होता है, लेकिन यह लंबे समय तक नहीं टिकता। जैसे ही आप फिर से सामान्य खाना शुरू करते हैं, वजन वापस बढ़ सकता है। इसलिए अगर आप सही और सुरक्षित तरीके से वजन घटाना चाहते हैं, तो संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज और अच्छी नींद ज्यादा फायदेमंद होते हैं।
डिस्क्लेमर:यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। वॉटर फास्टिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। न्यूज1 इंडिया इसकी सटीकता या स्वास्थ्य परिणामों की जिम्मेदारी नहीं लेता।








