yutori lifestyle for stress relief सुबह आंख खुलते ही काम की जिम्मेदारियों की लिस्ट शुरू हो जाती है। ऑफिस की मीटिंग्स, घर के काम, पढ़ाई या पारिवारिक जिम्मेदारियां ,ये सब दिनभर हमें घेरकर रखते हैं। ये सिलसिला रोज चलता है, जिससे मन और शरीर दोनों पर बोझ बढ़ता जाता है। धीरे-धीरे ये थकावट स्ट्रेस, चिड़चिड़ापन और बर्नआउट में बदल जाती है। ऐसे में अगर लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव किया जाए, तो इससे राहत मिल सकती है।
क्या है ‘यूटोरी’ का मतलब?
‘यूटोरी’ एक जापानी शब्द है, जिसका मतलब होता है आराम, खालीपन या मानसिक छूट। इसका मकसद है अपनी जिंदगी में ऐसा वक्त निकालना, जो सिर्फ हमारे लिए हो। बिना तनाव, भागदौड़ और जल्दबाज़ी के। जापान में यह कॉन्सेप्ट इसलिए अपनाया गया ताकि लोग काम के साथ-साथ खुद की मेंटल हेल्थ का भी ख्याल रख सकें। यूटोरी कहता है कि हमें जिंदगी को थोड़ा धीमा करना चाहिए, ताकि हम हर पल को जी सकें और सिर्फ काम में उलझे न रहें। जब आप अपनी डेली लाइफ में यूटोरी को अपनाते हैं, तो काम और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस बनाना आसान हो जाता है। इससे मानसिक थकान कम होती है और आप खुद को हल्का और पॉजिटिव महसूस करते हैं।
कैसे अपनाएं यूटोरी लाइफस्टाइल?
हर दिन कुछ वक्त खुद के लिए निकालें : चाहे सुबह की चाय हो या रात की सैर, हर दिन थोड़ा समय सिर्फ अपने लिए जरूर रखें।
‘ना’ कहना सीखें : हर काम को हां कहना जरूरी नहीं। जहां जरूरत हो, वहां मना करना भी जरूरी है ताकि आप पर काम का दबाव न बढ़े।
परफेक्शन की दौड़ से बाहर आएं :हर चीज़ में 100% देना जरूरी नहीं। कभी-कभी ‘ठीक है’ भी काफी होता है।
धीमा जीना सीखें : दिनभर की रफ्तार को थोड़ा कम करें। खाने का मजा लें, परिवार के साथ बैठें, फोन से दूर रहें और सांस लें।
शौक और रुचियों के लिए वक्त निकालें : जो काम आपको खुशी देता है, जैसे पढ़ना, म्यूजिक, पेंटिंग या कुकिंग, उसमें थोड़ा वक्त जरूर लगाएं।
क्यों जरूरी है यूटोरी आज के समय में?
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम सब बस काम, टारगेट और डेडलाइन में उलझे हुए हैं। ऐसे में यूटोरी लाइफस्टाइल अपनाना बहुत जरूरी हो गया है, ताकि हम खुद को न भूल जाएं। जब आप अपने दिन में थोड़ा ठहराव लाते हैं, तो दिमाग शांत होता है, तनाव कम होता है और रिश्ते भी बेहतर बनते हैं।
यूटोरी एक जापानी तरीका है जो हमें सिखाता है कि कैसे जिंदगी को आराम और सुकून से जिया जाए। इसे अपनाकर हम स्ट्रेस कम कर सकते हैं और खुद को मानसिक रूप से मजबूत बना सकते हैं।