Lucknow Development Authority: उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के ऐशबाग इलाके में 50 वर्षों से अधिक समय से अवैध कब्जे में चल रही लगभग 200 करोड़ रुपये की एलडीए की नजूल भूमि अब जल्द ही कब्जामुक्त कराई जाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस जमीन से जुड़ा हाईकोर्ट का स्टे भी खत्म कराने में सफलता हासिल कर ली है। इसके बाद यहां मध्यम वर्ग के लिए 264 फ्लैट बनाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
मदरसे की आड़ में लंबे समय से था कब्जा
ऐशबाग के रामलीला मैदान रोड के आगे मदरसे के पीछे बड़े क्षेत्र में एलडीए की नजूल जमीन पर वर्षों से कब्जा किया गया था। आगे की ओर मदरसा और दुकानें होने के कारण पीछे का हिस्सा नजर नहीं आता था, जिससे लंबे समय तक कब्जे की जानकारी सामने नहीं आ सकी।
हाल ही में निरीक्षण के दौरान उन्होंने इंजीनियरों और नजूल विभाग के अधिकारियों से विस्तृत सर्वे कराया। सर्वे में पता चला कि इस प्राइम लोकेशन की जमीन पर करीब 50 साल से अधिक समय से अवैध कब्जा बना हुआ था।
मध्यम वर्ग के लिए प्राइम लोकेशन पर सस्ते फ्लैट
एलडीए पहली बार शहर की इतनी प्राइम लोकेशन पर मध्यम वर्ग के लिए किफायती फ्लैट लाने जा रहा है। इससे पहले देवपुर पारा क्षेत्र में एलडीए ने ऐसे फ्लैट बनाए थे, लेकिन वह शहर के मुख्य हिस्से से काफी दूर था।
ऐशबाग में प्रस्तावित फ्लैट्स की कीमत लगभग 30 लाख रुपये रखी गई है, ताकि मध्यम वर्ग के लोग आसानी से इन्हें खरीद सकें। फिलहाल यहां करीब 264 फ्लैट बनाने की योजना तैयार की गई है।
स्टे हटने के बाद कब्जा हटाने की कार्रवाई तेज
इस जमीन पर मदरसे को लेकर भी स्टे था, जिसे एलडीए ने पैरवी करके हटवा लिया है। हालांकि प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि मदरसे के ढांचे से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। केवल मदरसे के पीछे की कब्जाई गई जमीन को खाली कराया जाएगा।
ऐशबाग क्षेत्र में मिली यह जमीन नजूल की सरकारी संपत्ति है। कब्जा हटाने के बाद यहां मध्यम वर्ग के लिए आवासीय परियोजना शुरू की जाएगी, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
