Lucknow Flat Fire Incident:उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। नीलगिरी चौराहे के पास स्थित एक रिहायशी इमारत के दो फ्लैटों में सोमवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में एक महिला की जान चली गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से झुलस गया।
जानकारी के अनुसार, नीलगिरी चौराहे के पास फ्लैट नंबर 73 और 74 में सुबह अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही चारों तरफ धुआं फैल गया और लोग घबराकर घरों से बाहर निकलने लगे। इसी दौरान फ्लैट नंबर 74 में रहने वाला एक परिवार अंदर ही फंस गया। आग की लपटें लगातार तेज होती जा रही थीं, जिससे हालात और भी भयावह हो गए।
आग से घबराकर 45 वर्षीय निदा रिजवी ने खुद को बचाने की कोशिश में फ्लैट से नीचे छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। निदा को लखनऊ के लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे परिवार और इलाके में शोक की लहर फैल गई।
पति और बेटी को सुरक्षित बाहर निकाला गया
आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को फोन किया। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। पुलिस और दमकल कर्मियों ने मिलकर फ्लैट में फंसे 50 वर्षीय मोहम्मद अम्मार और उनकी 20 वर्षीय बेटी सारा को बाहर निकाला। आग की चपेट में आने से अम्मार बुरी तरह झुलस गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बेटी सारा को भी धुएं और गर्मी के कारण परेशानी हुई, लेकिन वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने में काफी समय लगा, क्योंकि फ्लैट में रखा सामान पूरी तरह जल चुका था। राहत की बात यह रही कि समय रहते आसपास के अन्य फ्लैटों को खाली करा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
आग लगने की वजह की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, उन्हें सुबह करीब 7 बजकर 9 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों फ्लैटों के मालिक हसीन अहमद हैं। फिलहाल आग लगने की सही वजह का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फायर विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि आग से बचाव के इंतजाम कितने जरूरी हैं और छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत ले सकती है।


