लखनऊ के लालबाग स्थित नए विधायक निवास में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी नानकदीन भुर्जी की विधायक निवास की सातवीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने से मौत हो गई।
घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूर्व मंत्री की मौत की खबर मिलते ही उनके समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे समर्थक
नानकदीन भुर्जी के सातवीं मंजिल से गिरने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। उनके बेटे और अन्य रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंचे। सिविल अस्पताल की मोर्चरी के बाहर समर्थकों और स्थानीय नेताओं की भीड़ जमा हो गई।
परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नानकदीन भुर्जी किन परिस्थितियों में सातवीं मंजिल से नीचे गिरे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही टीम
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए विधायक निवास परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह घटना दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण जुड़ा हुआ है। घटनास्थल से जुड़े अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।
समर्थकों ने मांगी निष्पक्ष जांच
नानकदीन भुर्जी भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ से जुड़े सक्रिय पदाधिकारी थे और लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में भूमिका निभाते रहे थे।
उनकी मौत के बाद समर्थकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
