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महाकुंभ को मिली ‘भारत गौरव ट्रेन’ की सौगात, लग्जरी ‘छुक-छुक’ में ‘महाकुंभ ग्राम’ की सुविधाएं जान रह जाएंगे हैरान

लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ का आगाज होने जा रहे हैं। जिसको लेकर तैयारियों जोरों पर चल रही हैं। बताया जा रहा है कि देश ही नहीं बल्कि करीब 45 करोड़ भक्त महाकुंभ में शिरकत कर संगम में डुबकी लगाकर पुण्ण कमाएंगे। भक्तों के रहने, खाने और आने के लिए ट्रेनों के अलावा बसों की व्यवस्था की गई थी। इसी कड़ी में आईआरसीटीसी ने महाकुंभ के लिए पुणे से प्रयागराज तक ‘भारत गौरव ट्रेन’ चलाने का ऐलान किया है। यह ट्रेन 13 जनवरी से 23 फरवरी तक चलेगी। इस ट्रेन को सिर्फ कुंभ के लिए ही चलाया जाएगा।

‘देखो अपना देश’ कार्यक्रम का हिस्सा

महाकुंभ को लेकर आईआरसीटीसी की तरफ से बड़ा ऐलान किया गया है। भक्तों को प्रयागराज तक लाने के गौरव ट्रेन को लांच किया है। भारत गौरव ट्रेन केंद्र सरकार के ‘देखो अपना देश’ कार्यक्रम का हिस्सा है। घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने यह प्रोग्राम शुरू किया है। इसी के तहत इस ट्रेन को भी जोड़ा गया है। भारत की संस्कृति और विरासत को दिखाने के लिए चलने वाली इस ट्रेन में कई लग्जरी सुविधाएं हैं, जो सामान्य ट्रेन से पूरी तरह अलग है। यह एक थीम आधारित ट्रेन होगी, जिसके जरिए देश के अलग-अलग शहरों के पर्यटन स्थलों को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा।

‘महाकुंभ ग्राम’ सिटी दिया नाम

भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) वेस्ट जोन ने इस पैकेज को ‘महाकुंभ ग्राम आईआरसीटीसी टेंट सिटी प्रयागराज’ नाम दिया है। इसमें तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा, भोजन और प्रयागराज में टेंट में रहने की व्यवस्था भी शामिल है। भारत गौरव ट्रेन का किराया आम ट्रेनों से बिलकुल अलग है। इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को अधिक पैसा देना होगा। इस ट्रेन में टिकट की कीमतें इकोनॉमी क्लास (स्लीपर) के लिए 22,940 रुपये रखी गई हैं। वहीं, स्टैंडर्ड क्लास के लिए 32,440 और कम्फर्ट क्लास के लिए 40,130 रुपये हैं।

लगभग 1000 यात्री यात्रा कर सकते हैं

भारत गौरव ट्रेन में 14 डिब्बे होंगे। इनमें लगभग 1000 यात्री यात्रा कर सकते हैं। यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों से होते हुए महाराष्ट्र के पुणे, लोनावला, कर्जत, पनवेल, कल्याण, नासिक, मनमाड, चालीसगांव, जलगांव और भुसावल से गुजरेगी। इसमें सफर करने वाले यात्री एक ही यात्रा के दौरान भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और स्मारकों को देख सकेंगे। यह ट्रेन प्रयागराज के अलावा वाराणसी और अयोध्या भी जाएगी।

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