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45 दिन में सीएम ने महाकुंभ के किए इतने दौरे, योगी के नाम दर्ज हुआ एक नया रिकॉर्ड

Mahakumbh 2025

Mahakumbh 2025: ऐतिहासिक महाकुंभ 2025 अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। 45 दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में कई रिकॉर्ड बने। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे दिव्य और ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यही वजह रही कि इस बार 61 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। वह महाकुंभ (Mahakumbh 2025) के इतिहास में सबसे ज्यादा बार दौरा करने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने प्रयागराज में 12 बार आकर आयोजन की हर पहलू पर नजर रखी। आइए जानते हैं कब-कब मुख्यमंत्री ने प्रयागराज का दौरा किया।

सीएम योगी का महाकुंभ में अब तक 12 दौरा

13 जनवरी: महाकुंभ का शुभारंभ किया और शंकराचार्य एवं संतों से मुलाकात की। साथ ही प्रदर्शनी, पुलिस गैलरी, संविधान गैलरी और पर्यटन गैलरी का उद्घाटन किया।

19 जनवरी: संत महात्माओं से विशेष चर्चा की और आयोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

22 जनवरी: योगी आदित्यनाथ ने पूरे मंत्री परिषद के साथ संगम स्नान किया और कैबिनेट बैठक भी आयोजित की।

25 जनवरी: अखिल भारतीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही गुरु गोरक्षनाथ अखाड़ा एवं विश्व हिंदू परिषद सम्मेलन में भी भाग लिया।

27 जनवरी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्वागत के लिए प्रयागराज पहुंचे और त्रिवेणी संगम में पूजा-अर्चना की।

फरवरी माह में भी जारी रहा दौरा

1 फरवरी: भारत सेवाश्रम शिविर का दौरा किया और उपराष्ट्रपति का स्वागत किया। इस दौरान 73 देशों के राजनयिकों से संवाद किया।

4 फरवरी: बौद्ध महाकुंभ कार्यक्रम में पहुंचे और मीडिया से बातचीत की। इस दौरान भूटान नरेश के साथ संगम स्नान किया।

5 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए प्रयागराज आए और त्रिवेणी संगम में पूजा की।

10 फरवरी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर स्वागत किया। इसके अलावा हनुमान मंदिर, अक्षयवट और डिजिटल महाकुंभ का भी दौरा किया।

16 फरवरी: जलवायु सम्मेलन में भाग लिया और प्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा की कथा एवं प्रभु प्रेमी संघ शिविर के समापन समारोह में शामिल हुए।

22 फरवरी: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आगमन पर स्वागत किया और महाशिवरात्रि की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की।

23 फरवरी: एक बार फिर प्रयागराज पहुंचे। इस दौरान सेक्टर 21 स्थित सतुआ बाबा के शिविर में गए और फिर श्रीकांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती से मुलाकात की। इसके बाद अरैल लौटे और लखनऊ रवाना हुए।

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ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बना प्रयागराज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महाकुंभ में दौरा व्यस्त और विविध रहा। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक अनुष्ठान और प्रशासनिक तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। सीएम योगी महाकुंभ के इतिहास में सबसे ज्यादा बार प्रयागराज आने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनके 12 बार के दौरों ने आयोजन की भव्यता और दिव्यता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

महाशिवरात्रि से पहले महाकुंभ में महाजाम

महाशिवरात्रि से पहले महाकुंभ (Mahakumbh 2025) में ट्रैफिक जाम की समस्या फिर से गंभीर होती दिख रही है। इसे नियंत्रित करने के लिए योगी सरकार ने छह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विशेष रूप से प्रयागराज में तैनात किया है। ये अधिकारी प्रयागराज के विभिन्न मार्गों की यातायात व्यवस्था संभालेंगे और सुचारू संचालन सुनिश्चित करेंगे।

इन अधिकारियों में एक एडीजी और पांच आईजी स्तर के अफसर शामिल हैं। सरकार ने एडीजी पीएसी सुजीत पांडे, और आईजी स्तर के चंद्रप्रकाश, प्रीतेंद्र सिंह, राजेश मोदक और मंजिल सैनी को ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रत्येक अधिकारी को अलग-अलग मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुधारने की कमान दी गई है।

 

 

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