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Mahakumbh stampede : PM मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया ,कहा मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं

Mahakumbh stampede tragedy in Prayagraj

 Mahakumbh 2025 stampede प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला क्षेत्र में बुधवार को हुई भगदड़ पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हादसे में कई श्रद्धालु घायल हुए हैं और कुछ की जान भी गई है। पीएम मोदी ने कहा कि इस हादसे के कारण उन्हें बहुत दुख हुआ है और उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने उन श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

मोदी ले रहे पल पल की रिपोर्ट

पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर हुई बातचीत के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन घटना के पीड़ितों की मदद में पूरी तरह जुटे हुए हैं। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगातार संपर्क में हूं, और हमने घटना के बाद चार बार फोन पर बात की है।इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात की थी और घटना के बारे में जानकारी दी थी।

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उन्होंने बताया कि महाकुंभ में भारी भीड़ के कारण हादसा हुआ है। घटना उस समय हुई जब श्रद्धालु बैरिकेड्स को फांदने की कोशिश कर रहे थे, जिससे भगदड़ मच गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब हालात नियंत्रण में हैं और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।

श्रद्धालुओं से संयम रखने की अपील

मुख्यमंत्री योगी ने श्रद्धालुओं से संयम रखने की अपील की। उन्होंने कहा, मैं सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध करता हूं कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रयागराज में करीब 9 से 10 करोड़ श्रद्धालु हैं, और मैं सभी से कहूंगा कि वे जिस भी घाट पर हैं, वहीं स्नान करें। संगम नोज पर स्नान करना जरूरी नहीं है, सभी श्रद्धालु वहां जाने से बचें।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विभिन्न अखाड़ों के संतों ने विनम्रता से यह सुझाव दिया है कि पहले श्रद्धालु पवित्र स्नान करें और भीड़ कम होने पर संत स्नान करेंगे। संगम नोज, नाग वासुकी मार्ग और संगम मार्ग पर भीड़ ज्यादा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को अन्य घाटों पर स्नान करने की सलाह दी जाती है, ताकि वे भीड़ से बच सकें।

उचित उपचार और घर पहुंचाने की व्यवस्था

साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घायल श्रद्धालुओं को उचित उपचार दिया जा रहा है और रेलवे ने भी विशेष ट्रेनें चलाकर श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की है।

महाकुंभ क्षेत्र में स्थित गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम के पास स्थित एक किलोमीटर क्षेत्र में भगदड़ मच गई थी। यह घटना तब हुई जब बैरिकेड्स टूट गए और भीड़ बेकाबू हो गई।

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