Delhi to Meerut Namo Bharat Rapid Rail: दिल्ली से मेरठ के बीच रोज़ाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए अब बड़ी राहत की खबर है। Narendra Modi ने दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर की पूरी लंबाई पर नमो भारत रैपिड रेल सेवा को हरी झंडी दिखा दी है। 22 फरवरी की शाम 6 बजे से यह सेवा आम लोगों के लिए शुरू हो गई है। अब सराय काले खां से मोदीपुरम तक लगभग 80 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 55 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
पहले जहां इस सफर में ट्रैफिक, जाम और कई घंटे लग जाते थे, वहीं अब तेज और आरामदायक यात्रा संभव होगी। ऑफिस जाने वाले लोग, छात्र और रोज़ आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी मददगार साबित होगी।
क्या है नमो भारत रैपिड रेल
नमो भारत रैपिड रेल देश का पहला रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम है। इसे 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के हिसाब से तैयार किया गया है। हालांकि आम संचालन में ट्रेन की गति जरूरत और सुरक्षा के अनुसार तय की जाएगी।
यह ट्रेन आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें मेट्रो जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जैसे आरामदायक सीटें, साफ-सुथरे कोच, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल सूचना प्रणाली। इसका उद्देश्य शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद सफर उपलब्ध कराना है।
मेरठ मेट्रो भी हुई शुरू
दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर के साथ ही मेरठ मेट्रो सेवा भी शुरू हो चुकी है। खास बात यह है कि यह मेट्रो भी उसी इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलेगी, जिस पर नमो भारत रैपिड रेल चल रही है। इससे मेरठ शहर के अंदर यात्रा करना भी आसान हो जाएगा। अब लोग एक ही नेटवर्क के जरिए दिल्ली से मेरठ और मेरठ शहर के अंदर तेजी से सफर कर सकेंगे। इससे सड़क पर गाड़ियों की संख्या कम होने की उम्मीद है, जिससे प्रदूषण और जाम दोनों में कमी आ सकती है।
यात्रियों को क्या फायदा होगा
इस नई सेवा से सबसे बड़ा फायदा समय की बचत है। 80 किलोमीटर का सफर अगर 55 मिनट में पूरा हो जाता है, तो लोगों का रोज़ का काफी समय बचेगा। इसके अलावा यात्रा ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित होगी।
तेज रफ्तार, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी इसे देश की सबसे उन्नत ट्रेन सेवाओं में शामिल करती हैं। आने वाले समय में ऐसे और कॉरिडोर बनने की संभावना है, जिससे बड़े शहरों के बीच यात्रा और आसान हो सकेगी।
नमो भारत रैपिड रेल सिर्फ एक ट्रेन सेवा नहीं है, बल्कि यह शहरी परिवहन की दिशा में बड़ा बदलाव है। इससे दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी सिर्फ किलोमीटर में नहीं, बल्कि समय और सुविधा के लिहाज से भी कम हो जाएगी।



