मेरठ में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना के करीब 24 घंटे बाद भी लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों को सावधानी बरतने और प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है।
एक किलोमीटर तक पेड़-पौधों पर असर
स्थानीय लोगों के मुताबिक गैस रिसाव का असर आसपास के काफी बड़े इलाके में दिखाई दे रहा है। करीब एक किलोमीटर तक पेड़-पौधों के पत्ते झुलसे हुए नजर आए। कई जगह घरों में रखे बर्तनों पर भी धब्बे पड़ने की बात सामने आई है। इससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
घटना के बाद इलाके में गैस की तेज गंध और उसके असर को लेकर लोग परेशान रहे। कई परिवारों ने अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखीं और बाहर निकलने से परहेज किया।
लोगों को घरों में रहने की सलाह
गैस रिसाव की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार गैस का असर करीब 50 मीटर के क्षेत्र में देखा गया था और एहतियात के तौर पर 100 मीटर के दायरे को खाली कराया गया था।
अधिकारियों ने लोगों से खिड़की-दरवाजे बंद रखने और सावधानी बरतने को कहा था। कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भी ले जाया गया।
रिसाव की वजह की जांच जारी
प्रशासन की ओर से गैस रिसाव के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों की नजर इलाके की स्थिति पर बनी हुई है और लोगों को तब तक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, जब तक प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि गैस का असर आसपास के घरों और पर्यावरण पर कितना पड़ा है। पेड़-पौधों के पत्तों के झुलसने और बर्तनों पर धब्बे मिलने से लोग किसी नए खतरे की आशंका को लेकर भी परेशान हैं।

