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Tax Refund Fraud: मेरठ में 3,000 से ज्यादा क्लाइंट्स से जुड़ा, 357 करोड़ रुपये के टैक्स रिफंड फ्रॉड का हुआ खुलासा

Meerut income Tax Department: मेरठ में आयकर विभाग ने कथित तौर पर 357 करोड़ रुपये के टैक्स रिफंड फ्रॉड का खुलासा किया है। जांच के अनुसार, माधवपुरम क्षेत्र की रहने वाली 30 वर्षीय नैंसी अग्रवाल पर आयकर अधिनियम की धारा 80GGC का गलत इस्तेमाल कर फर्जी टैक्स कटौती के दावे दाखिल कराने का आरोप है। विभाग का दावा है कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों में देशभर के 3,000 से अधिक लोगों के लिए फर्जी दान दिखाकर करीब 65.5 करोड़ रुपये का अवैध टैक्स रिफंड हासिल कराया। इस पूरे मामले की जांच जारी है और आयकर विभाग साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहा है।

धारा 80GGC के कथित दुरुपयोग से बनाया बड़ा नेटवर्क

आयकर विभाग के अनुसार, आरोपित ने लोगों को राजनीतिक दलों को दान देने के नाम पर टैक्स छूट का लाभ दिलाने का झांसा दिया। जांच में सामने आया कि कई मामलों में गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को फर्जी दान दिखाकर आयकर रिटर्न में गलत कटौती का दावा किया गया। विभाग का कहना है कि रेफरल और प्रमोशनल डिस्काउंट के जरिए देशभर में क्लाइंट नेटवर्क तैयार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में वेतनभोगी लोग शामिल थे। इनमें कुछ लोग कथित तौर पर जानबूझकर तो कुछ अनजाने में इस योजना का हिस्सा बने।

सर्वे में नकदी, दस्तावेज, लॉकर और एफडी की जानकारी मिली

आयकर विभाग ने 14 और 15 जुलाई 2025 को मेरठ में कई स्थानों पर सर्वे अभियान चलाया। इस दौरान नैंसी अग्रवाल के आवास और अन्य संबंधित ठिकानों से करीब 5 लाख रुपये नकद, हाथ से लिखे लेजर, कंप्यूटर, लैपटॉप और कई डिजिटल दस्तावेज बरामद किए गए। विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक की ब्रह्मपुरी शाखा में मौजूद दो बैंक लॉकरों में रखे लगभग 50 लाख रुपये के सोने के आभूषण और करीब 4 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट भी सीज करने की कार्रवाई की। इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

टैक्सपेयर्स को नोटिस भेजने की तैयारी, कानूनी कार्रवाई होगी

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों ने कथित फर्जी दावों के जरिए टैक्स रिफंड प्राप्त किया है, उन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग का उद्देश्य ऐसे मामलों में अवैध रूप से प्राप्त टैक्स रिफंड की वसूली करना और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करना है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपित के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि अंतिम निर्णय जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

नैंसी अग्रवाल और गुप्ता ब्रदर्स ने आरोपों से किया इनकार

नैंसी अग्रवाल ने आयकर विभाग के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह सभी आरोपों का कानूनी जवाब देंगी। उनका कहना है कि उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई के दौरान टैक्स रिटर्न से जुड़ा काम सीखने के लिए प्रशिक्षण लिया था, लेकिन पूरे मामले की जिम्मेदारी उन पर डालना गलत है। दूसरी ओर, गुप्ता ब्रदर्स के प्रियम गुप्ता ने भी नैंसी से किसी तरह का संबंध होने या उन्हें प्रशिक्षण देने के दावे को खारिज किया है। उनका कहना है कि आयकर विभाग ने पहले भी उनके यहां सर्वे किया था, लेकिन कोई अनियमितता नहीं मिली थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी पक्षों के दावों की जांच की जा रही है।

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